अलीगढ़

डीएम ने 136 क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतों को किया सम्मानित

टीबी मुक्त गांव, स्वस्थ समाज-मिलकर करें इस संकल्प को साकार

अलीगढ़ जिले की 136 ग्राम पंचायतों ने क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने शनिवार को कलैक्ट्रेट सभागार में इन सभी ग्राम पंचायतों को ”क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित कर उनके प्रधानों को महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए कहा कि यह क्षण पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर लगातार दूसरे वर्ष भी क्षय रोग मुक्त रहने वाली 05 ग्राम पंचायतों- लोधा की चिकोरा, अमरपुर नेहरा, जवां की लुहारा, इगलास की पिसावा एवं गोंडा की कुवागांव को सिल्वर कैटेगरी में एवं अन्य 131 ग्राम पंचायतों को ब्रॉन्ज कैटेगरी में सम्मानित किया गया।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि 2023 में मा0 प्रधानमंत्री जी ने वाराणसी से ग्राम पंचायतों को क्षय रोग मुक्त करने का आह्वान किया और अलीगढ़ इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी से क्षय रोग उन्मूलन संभव हुआ है। यह केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है, हम सभी को मिलकर इसे स्थायी रूप से कायम रखना होगाजिला प्रशासनिक अधिकारी रोहित सक्सेना ने कहा कि जब समुदाय स्वास्थ्य जागरूकता में सक्रिय भागीदारी निभाता है, तो बीमारियों को जड़ से मिटाया जा सकता है। हमें इस सफलता को एक आदत बनाना होगा, ताकि कोई भी व्यक्ति क्षय रोग से प्रभावित न हो   मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने कहा कि समुदाय की जागरूकता से ही टीबी को पूरी तरह मिटाया जा सकता है। अब हमारा लक्ष्य इसे पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी इस बीमारी से मुक्त रह सके। उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए प्रमुख मंत्र देते हुए बताया कि जागरूक बनें अगर दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटना हो, तो तुरंत जांच कराएं। टीबी मरीजों को मानसिक और सामाजिक समर्थन दें, उनसे भेदभाव न करें। उन्होंने सचेत किया कि दवा का पूरा कोर्स लेना ज़रूरी है, अधूरा इलाज बीमारी को और घातक बना सकता हैजिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 राहुल शर्मा ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान 1000 रूपये प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति संभावित टीबी मरीज की जानकारी देता है और उसकी पुष्टि होती है, तो उसे 500 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। हमारा उद्देश्य हर मरीज को इस योजना का लाभ दिलाना और क्षय रोग को जड़ से खत्म करना है। उप जिला क्षय रोग अधिकारी इमरान सिद्दीकी ने कहा कि क्षय रोग उन्मूलन केवल चिकित्सा उपचार का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से ही संभव हो सकता है। हमें इस दिशा में और अधिक प्रयास करने होंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी मोहम्मद राशिद ने कहा कि ग्राम पंचायतों का यह योगदान सराहनीय है। हमें उम्मीद है कि अन्य गांव भी इससे प्रेरणा लेकर क्षय रोग मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ेंगेइस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक (क्षय रोग) सतेंद्र कुमार, क्षय रोग विभाग से डेविड कुमार शाही, पीयूष सेंगर, नईम अमद और पीयूष अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, ग्राम प्रधान और क्षय रोग चौम्पियंस उपस्थित रहे।

JNS News 24

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