डीएम ने की आईजीआरएस एवं सीएम हैल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा
प्राप्त शिकायतों का समयबद्धता से गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हैल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों, समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आहुत की गई। डीएम ने कहा कि आईजीआरएस एवं सीएम हैल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की उच्च प्राथमिकता में शामिल है, जिसकी उच्च स्तर से प्रत्येक माह समीक्षा की जाती है। गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने और डिफॉलटर की श्रेणी में आने से जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो विभाग लगातार डिफॉल्टर की श्रेणी में हैं, सुधार कर लें अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने 50 प्रतिशत से कम संतुष्ठ फीडबैक वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने स्तर पर स्वयं समीक्षा कर स्थिति में सुधार करना सुनिश्चित करें।समीक्षा में पाया गया कि कुछ विभागों में विगत तीन माह में एक या दो शिकायत होने पर भी वह असंतुष्ट फीडबैक की श्रेणी में है। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि तीन माह में एक या दो शिकायतों का संतोषजनक निस्तारण न होना आपकी लापरवाही का द्योतक है। आपको शिकायत निस्तारण के प्रति संवेदनशील होना होगा। समीक्षा में पाया गया कि अपर नगर आयुक्त स्तर पर 41, नगर आयुक्त स्तर पर 08, सहायक विकास अधिकारी चण्डौस व टप्पल स्तर पर 05-05 समेत जिले में 124 शिकायतें डिफॉल्टर की श्रेणी में है। डीएम ने निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्धता से निस्तारण करें कोई भी शिकायत डिफाफल्टर की श्रेणी में न जाने पाए। डीएम ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते असंतुष्ट फ़ीडबैक की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा असर जिले की रैंकिंग पर पड़ रहा है।एडीएम वित्त प्रमोद कुमार ने निर्देशित किया कि प्रत्येक विभाग शिकायतों की स्थिति की नियमित मॉनीटरिंग करे और लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि फीडबैक की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि शिकायतकर्ता संतुष्ट हो।ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनोज राजपूत ने बताया कि विगत असंतुष्ट फीडबैक को कम करने के लिए विगत तीन माह में जितनी भी शिकायतों का निस्तारण किया गया है, और जिनमें कोई भी फीडबैक दर्ज नहीं हुआ है, ऐसी शिकायतों में शिकायतकर्ता से वार्ता कर गुणवत्तापरक फीडबैक दर्ज कराएं।बैठक में जिला स्तरीय विभागों के अधिकारीगण एवं आइजीआरएस नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।



