मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से साकार हुए 700 परिवारों के सपने
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से गरीब परिवारों के सपनों को मिली नई उड़ान

अलीगढ़ प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जिले में 700 जोड़ों का विवाह समारोह पूरे पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों एवं भव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता और समानता का प्रतीक बना, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए एक नई शुरुआत का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ। विवाह समारोह में मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत, मा0 विधायकगण, मा0 विधान परिषद सदस्य, जिला अध्यक्ष एवं महानगर अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सभी सम्मानित अतिथियों का आयोजन स्थल पर पारंपरिक पगड़ी पहनाकर गरिमामय स्वागत किया गया।मा0 जनप्रतिनिधियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की दूरदर्शी और संवेदनशील सोच का जीवंत उदाहरण है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन की नई शुरुआत का अवसर प्रदान कर रही है। सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों से सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी अंकुश लगता है और समाज में समानता एवं समरसता की भावना मजबूत होती है। अलीगढ़ में 700 जोड़ों के विवाह को जिस भव्यता, अनुशासन और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया, वह जिला प्रशासन की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाता है। ऐसे आयोजन सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल पर साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब बेटी का पिता जो विवाह के आयोजन में कर्ज में डूब जाता था, मा0 योगी जी ने पूरी संवेदनशीलता से बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। इतना ही नहीं विवाह समारोह और भव्य रूप से आयोजित हो सकें इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री जी ने योजना की धनराशि 51 हजार से बढ़ाकर 01 लाख रूपये कर दी है। जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए सभी आगन्तुकों ने कहा कि विपरीत मौसम की परिस्थितियों में भी इतने बड़े आयोजन को सुव्यवस्थित, अनुशासित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराना प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
विवाह समारोह में वर-वधु पक्ष से आए परिजनों एवं अतिथियों ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। मेहमानों के लिए स्वच्छ, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन एवं मिष्ठान की उत्तम व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की। परिजनों ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के कारण उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा और विवाह समारोह स्मरणीय बन गया।
समारोह में सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बैठने, विद्युत व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई थीं। आयोजन स्थल पर उल्लास, उत्साह और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि वृहद सामूहिक विवाह समारोह में लगभग 700 जोडों का विवाह हुआ, जिसमें लगभग 621 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से



