मेला श्री दाऊजी महाराज : संयोजक चयन में पारदर्शिता पर सवाल, प्रशासन पर मनमानी का आरोप
दस दिन बाद गणेश चतुर्थी (27 अगस्त) से इस भव्य मेले का आगाज हो जाएगा

हाथरस। ऐतिहासिक मेला श्री दाऊजी महाराज का आयोजन नजदीक है। मात्र दस दिन बाद गणेश चतुर्थी (27 अगस्त) से इस भव्य मेले का आगाज हो जाएगा। लेकिन इस बार मेले में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।कलेक्ट्रेट के मेला लिपिक पर आरोप है कि विभिन्न कार्यक्रमों के संयोजकों के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। आवेदकों की सूची को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे संदेह की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय युवा एवं व्यापारी संगठनों ने प्रशासन पर मनमाने ढंग से अपने चहेतों को कार्यक्रम संयोजक बनाने का आरोप लगाते हुए चयन प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि गोपनीयता और देरी से मेले की गरिमा प्रभावित हुई है? सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कार्यक्रमों की सूची अंतिम समय में घोषित हुई है तो संयोजक तैयारी ही नहीं कर पाएंगे। मेला 27 अगस्त से देवी जागरण के साथ प्रारंभ होगा और इतने कम समय में तैयारी करना संयोजकों के लिए मुश्किल साबित होगा।स्थानीय लोगों ने कहा कि मेला श्री दाऊजी महाराज सदर विधायक अंजुला माहौर के अथक प्रयासों से राजकीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कर सका है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन की उदासीनता लोगों के गले नहीं उतर रही।स्थानीय लोगों ने यह आरोप लगाया कि मेला लिपिक द्वारा कार्यक्रम संयोजकों के चयन में पुनरावृत्ति की जा रही है। बीते वर्षों जिन लोगों को कार्यक्रम दिए गए थे, उनकी समीक्षा किए बिना ही उन्हें दोबारा संयोजक बना दिया गया है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार प्रशासन की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कुछ मेला प्रेमियों ने कहा कि जिला प्रशासन की इस मेले को लेकर बरती जा रही उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी व इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की जाएगी।
हाथरस से मनोज शर्मा की रिपोर्ट