अग्निशमन यंत्र सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आपातकाल में जीवन और संपत्ति को बचाने का बड़ा हथियार
चिकित्सालयों, कार्यालयों, कॉपलेक्स, शिक्षण संस्थानों एवं शोरूम में शो-पीस न बनें अग्निशमन उपकरण

-मुकेश कुमार, सीएफओ
अलीगढ़ : मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा है कि शहर के चिकित्सालयों, सरकारी कार्यालयों एवं अन्य विभागों में अग्निशमन यंत्रों के रखरखाव में निरंतर बढ़ रही लापरवाही चिंता का विषय बन चुकी है। कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा उपकरणों पर धूल जमी हुई है, आग बुझाने वाले यंत्र थूकदान के रूप में उपयोग हो रहे हैं, अग्निशमन स्टैंड पर कपड़े सुखाए जा रहे हैं और पाइपलाइन एवं कंट्रोल पैनलों पर जाले लगे दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति किसी भी अप्रत्याशित अग्निकांड की रोकथाम में विफलता का कारण बन सकती है।मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि अग्निशमन यंत्र सिर्फ औपचारिकता नहीं होते, बल्कि आपातकाल में जीवन और संपत्ति को बचाने का सबसे बड़ा हथियार हैं। यदि ये यंत्र समय पर कार्यशील नहीं होंगे, तो किसी भी अप्रिय घटना के समय शुरुआती बचाव असंभव हो जाएगा।उन्होंने स्पष्टतः कहा, यह सिर्फ अग्निशमन विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि सभी विभागों, चिकित्सालय प्रशासन, कार्यालयों एवं विद्यालयों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करें। क्या करें:अग्निशमन यंत्रों की नियमित जांच और सर्विसिंग कराई जाए। यंत्रों को साफ-सुथरा, आसानी से पहुंच योग्य और क्रियाशील स्थिति में रखा जाए। आग बुझाने वाली बाल्टियों में रेत को नियमित रूप से जांचा जाए और स्टैंड पर व्यवस्थित रखा जाए। पाइपलाइन, अलार्म सिस्टम और कंट्रोल पैनल की समय-समय पर टेस्टिंग और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण एवं आपातकालीन निकास रूट की समझ दी जाए।क्या न करें: अग्निशमन उपकरणों का दुरुपयोग बिल्कुल न करें। रेत वाली बाल्टियों या यंत्रों के पास अव्यवस्था, कपड़े या अन्य सामग्री न रखें। किसी भी कंट्रोल पैनल या पाइपलाइन को बंद या निष्क्रिय न छोड़ें। सफाई और निरीक्षण में शिथिलता बिल्कुल न बरतें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि अगर आज हम व्यवस्थाओं में सुधार नहीं करेंगे तो कल कोई अप्रिय घटना घटित होने पर नियंत्रण करना अत्यंत कठिन होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं विभागों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और समयबद्ध निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।



