सत्पुरुष बाबा फुलसन्दे वालो के तीन दिवसीय सत्संग का पहला दिन
बड़ी संख्या में साध संगत ने सुने बाबा जी के प्रवचन

मुरादाबाद अजर अमर ज्योति पुरुष । तु काल बन्धन से रहित होने पर भी कालतंतु बना जीवों को मोक्ष देने के लिये हमारे बीच विचरण करता रहता है। काल और मृत्यु के सुक्त अजर अमर आदिपुरुष परमात्मा ही है। कोई नेत्र नहीं है, सत्य के समान कोई तप नहीं है।राग के समान कोई दुःख नहीं है और त्याग के सदृश को सुख नही है। पाप कर्मों से दूर रहना, सदा पुण्य कर्मों का अनुष्ठान करना। श्रेष्ठ पुरुषों के बर्ताव और सदाचार का पालन करना यही सर्वोत्तम कल्याण का साधन है। एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा दिव्य मंत्र के दृष्टाऋषि सत्पुरुष बाबा फुलसन्दे वाले अपने त्रिदिवसीय दिव्य सत्संग के पहले दिन रॉयल विला बैंकट हाल, दानशाह की मिलक, शाहपुर रोड खुशहालपुर में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए प्रवचन कर रहे थे।एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा है परमेश्वर तू सच्चा है और तेरा नाम सच्चा है।बाबा जी ने आगे कहा मोहजाल को बढ़ाने वाले मोहजाल से बंधा हुआ पुरुष इस लोक तथा परलोक में दुख ही भोगता है।
जिसे कल्याण प्राप्त की इच्छा हो उसे सभी उपायों से काम और क्रोध को दबाना चाहिये क्योंकि ये दोनों दोष कल्याण का नाश करने के लिये उधत रहते है। एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा, प्रवचनों के बाद निरंकार प्रभु परमेश्वर तथा सच्चे गुरु की आरती हुई। स्वास्ति वाचन का गायन हुआ। नामदान संस्कार हुआ। काफी संख्या में माताओ-बहनों व पुरुष वर्ग ने नामदान (मंत्रदीक्षा) ग्रहण कर अपने आपको पारब्रह्म परमेश्वर की राह पर चलने का संकल्प लिया। बाद में प्रसाद वितरण हुआ। सतसग प्रभारी द्वारा अधिक से अधिक धर्मप्रेमियो व साध संगत को त्रिदिवसीय दिव्य सत्संग में प्रतिदिन 2 बजे से दिव्य सत्संग में उपस्थित होकर, धर्मवचन सुनने तथा सत्पुरुष बाबा फुलसुंन्दे वालो के दर्शन हेतु उपस्थित रहने का आहवान किया। एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा के उदघोषों के साथ सभी ने सत पुरूष बाबा फुलसन्दे वालो का आशीर्वाद प्राप्त किया।