हाथरस

कीचड़ में डूबा भविष्य, बच्चों की राह बनी मुसीबत-नगला अलगर्जी में विकास कार्यों की खुली पोल

कीचड़ भरी गली में गिरते बच्चे, टूटी पुलिया बनी भ्रष्टाचार की गवाही, नगर पालिका के दावे फेल, ग्रामीणों में उबाल

हाथरस । नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या दो अंतर्गत गांव नगला अलगर्जी में विकास के दावे ज़मीनी हकीकत में दम तोड़ते नज़र आ रहे हैं। गांव की एक प्रमुख गली में महीनों से भारी मात्रा में कीचड़ जमा है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि इसी गली से होकर सरकारी प्राथमिक विद्यालय का रास्ता गुजरता है, जहां से रोज़ाना छोटे-छोटे बच्चों का आना-जाना होता है। कीचड़ के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और कई बच्चे स्कूल पहुंच ही नहीं पाते। मजबूरी में उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। गंदे पानी और कीचड़ से चर्म रोग, बुखार और संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन मिलते रहे, ज़मीनी काम शून्य रहा। इसी गली के पास कुछ समय पहले एक पुलिया का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के कारण वह चंद दिनों में ही टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हुई, बल्कि भ्रष्टाचार की बू भी साफ तौर पर महसूस की जा सकती है। सरकार ग्रामीणों का कहना है कि यह सब कमीशनखोरी का खेल है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार अपनी जेबें भरकर चले जाते हैं और जनता भुगतती रहती है। गांव के लोगों में इस स्थिति को लेकर गहरा रोष है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा या फिर नगला अलगर्जी के बच्चे यूं ही कीचड़ में गिरते-पड़ते अपने भविष्य की राह तलाशते रहेंगे। जिलाधिकारी से ग्रामीणों की मांग है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए गली का स्थायी समाधान कराया जाए टूट चुकी पुलिया की जांच हो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता आए और आम जनता को राहत मिल सके।

JNS News 24

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