विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश की महती भूमिका, विद्युत विभाग का सहयोग अपेक्षित
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाते हुए योजनाओं का करें सरलीकरण

अलीगढ़ : मा0 सभापति श्री अंगद कुमार सिंह के सभापतित्व में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ”प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति” द्वारा कलैक्ट्रेट सभागार में जनपद अलीगढ़, एटा एवं हाथरस के विद्युत कार्यों की समीक्षा की गई बैठक में मा0 सदस्य विधान परिषद डा0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, अनूप कुमार गुप्ता एवं विशेष आमंत्री परिषद सदस्य प्रो0 तारिक मंसूर द्वारा भी समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया गया।मा0 सभापति श्री अंगद कुमार सिंह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की महती भूमिका जिसमें विद्यत विभाग का अतुलनीय सहयोग अपेक्षित है। आज के तकनीकी युग में ऊर्जा के बिना कोई भी कार्य पूरा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में विभाग को आगे आकर उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।मा0 सदस्य अनूप गुप्ता ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में संचालित गुड गवर्नेंस में विगत वर्षों में विद्युत व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाते हुए योजनाओं का सरलीकरण करें ताकि विभाग के प्रति जन-जन में विश्वास पैदा हो।मा0 सदस्य डा0 मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समिति द्वारा 30 बिंदुओं पर लगातार 05 घंटे बैठक कर विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा छोटे बच्चों की परवाह करते हुए विद्यालयों के ऊपर से विद्युत लाईनों को हटाने के लिए अलग से फण्ड जारी किया गया। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायत भवनों एवं सामुदायिक शौचालयों को भी शत-प्रतिशत ऊर्जीकृत किया जा रहा है। उन्होंने विजीलेंस टीम को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपने कार्यों से क्षेत्र में भय का वातावरण न बनाएं बल्कि उन्हें चाहिए िकवह राजस्व बढ़े-चोरी घटे की तर्ज पर कार्य करते हुए आम जनमानस में सुझावात्मक एवं सुधारात्मक रवैया अपनाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करे।मा0 सदस्य प्रो0 तारिक मंसूर ने कहा कि विद्युत विभाग महत्वपूर्ण एवं आवश्यक सेवाओं में आता है, ऐसे में विभाग को चाहिए कि व समंवय पूर्ण कार्य करते हुए कंज्यूमर फ्रेंडली रवैये को अपनाकर कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुॅचाएं।समिति ने प्रदेश में विद्युत आपूर्ति, रखरखाव एवं प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभापति ने कहा कि 1912 टोलफ्री नंबर पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा और संतोष बढ़े। विद्युत चोरी एवं कटिया कनेक्शन पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। समिति ने विद्यालयों, पंचायत भवनों, सामुदायिक शौचालयों, सहकारी समितियों, पेयजल योजनाओं एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन की स्थिति की जानकारी ली और सभी संस्थानों से विद्युत कनेक्शन एवं बिल भुगतान का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से, विद्यालय परिसरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। समिति को अवगत कराया गया कि विद्युत लाइन शिफ्टिंग के लिए धनराशि निर्गत की जा चुकी है और कार्य प्रगति पर है। इस पर मा0 सभापति ने 31 दिसंबर तक सभी कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए।बैठक में विद्युत दुर्घटनाओं से हुई जनहानि एवं मुआवजा वितरण की समीक्षा भी की गई। समिति ने मीटर रीडरों की शिकायत पर हटाए जाने के उपरांत कार्यदायी संस्था के विरूद्ध की गई कार्यवाही एवं मीटर रीडर के भुगतानसंबंधी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। मा0 सभापति द्वारा निर्देशित किया गया कि उपभोक्ता विभाग का भगवान है उसको हरहाल में संतुष्ट करना है, ऐसे में प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य अभियंता विद्युत अलीगढ़ पंकज अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में 730042 उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन औसतन 23ः52 घंटे, तहसील स्तर पर 22.49 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 21ः14 घंटे एवं नलकूप फीडर पर 10 घटे की बिजली दी जा रही है। मुख्य अभियंता हाथरस एवं एटा संदीप पाण्डेय ने बताया कि हाथरस में 2.84 लाख उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन औसतन 23ः54 घंटे, तहसील स्तर पर 21.10 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 17ः34 घंटे एवं नलकूप फीडर पर 09ः30 घंटे की बिजली दी जा रही है। इसी प्रकार से एटा में 2.63 लाख उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। प्रतिदिन औसतन 23ः54 घंटे, तहसील स्तर पर 21.27 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 17ः54 घंटे एवं नलकूप फीडर पर 9ः54 घंटे की बिजली दी जा रही है।विद्युत लाइन लॉस की समीक्षा के दौरान मुख्य अभियंता, अधीक्षण एवं अधिशासी अभियंता समेत विजीलेंस के अधिकारी भी समिति के प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सके समिति का कहना था कि जिले के लाइन लॉस के स्थान पर क्षेत्रवार लाइन लॉस की जानकारी अधिकारियों द्वारा दी जाए। इस संबंध में ठोस एवं संतोषजनक उत्तर न मिलने पर समिति ने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि लाइन लॉस एक महत्वपूर्ण प्रकरण है जब मर्ज ही पता नहीं होगी तो उसका इलाज कैसे संभव है। समिति ने दोनों मुख्य अभियंताओं को भ्रमण कर लाइन लॉस की वास्तविक जानकारी जिलाधिकारी के माध्यक से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। समिति द्वारा दिसंबर माह से आरंभ हो रही बिजली राहत बिल योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अन्य माध्यमों से भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिएव्यावसायिक संयोजनों की समीक्षा के दौरान संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर अलीगढ़में 132 के सापेक्ष 127, हाथरस में 44 के सापेक्ष 29 वहीं एटा में 20 के सापेक्ष 15 इकाईयों में विद्युत संयोजन हो गए हैं। समिति ने व्याप्त गैप को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। समिति द्वारा पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन न करने पर खेद प्रकट करते हुए दोनों बैठकों की प्रश्नगत आख्याओं को निर्धारित अवधि में भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बैठक में विगत दो वर्षों में विभाग को मा0 सदस्यों द्वारा भेजे गए शिकायती पत्रों पर कृत कार्यवाही, जिलों में विद्युत उत्पादन की स्थिति, नये सब स्टेशन एवं विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि की भी समीक्षा की गई। मुख्य महाप्रबंधक हरदुआगंज विद्युत तापीय परियोजना इंजी0 राजकुमार एवं अवधेश कुमार द्वारा परियोजना में विद्युत उत्पादन एवं वितरण के संबंध में जानकारी दी गई।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने समिति का जिले में आगमन के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराया जाएगा। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष इंजी0 राजीव शर्मा, सीडीओ अलीगढ़ योगेन्द्र कुमार, सीडीओ एटा डा0 अवधेश कुमार वाजपेयी, सीडीओ एटा पी0एन दीक्षित, एसपी क्राइम ममता कुरील, एसपी एटा श्वेताभ पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी नगर किंशुक श्रीवास्तव, पीडी भाल चंद त्रिपाठी सहित विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं सीएमओ, डीआईओएस, डीपीआरओ, एआर कॉपरेटिव, डीपीओ, बीएसए, ईओ, उपस्थित रहे।



