इगलास ब्लॉक कार्यालय के औचक निरीक्षण में डीएम सख्त, अभिलेखों के बेहतर रखरखाव व जवाबदेही के दिए निर्देश
अनुपस्थित कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने के दिए निर्देश

-संजीव रंजन, डीएम अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार और परियोजना निदेशक, डीआरडीए भालचंद त्रिपाठी के साथ विकास खंड कार्यालय इगलास का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीय व्यवस्थाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना रहा।डीएम ने निरीक्षण के दौरान ग्रांट रजिस्टर, सर्विस बुक, जीपीएफ रजिस्टर, क्षेत्र पंचायत की पुस्तिका सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की जांच की। समीक्षा में पाया गया कि पूर्व निरीक्षण की कोई आख्या उपलब्ध नहीं थी और कई अभिलेखों का रखरखाव संतोषजनक नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर ही रात्रि विश्राम करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने के भी निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने निरीक्षण में यह भी पाया कि कुछ अधिकारियों को अपने कार्यों की पर्याप्त जानकारी नहीं है, जो सुधार की मांग करता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का संचालन नियमों के अनुरूप, पारदर्शी और जवाबदेही के साथ किया जाए। साथ ही योजनाओं की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, कार्य संस्कृति में सुधार लाने और जनहित से जुड़े कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति दें, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिल सके।खण्ड विकास अधिकारी चैतन्य कुमार पाठक ने बताया कि 10 लाख से ऊपर की धनराशि से एक बारातघर निर्माणाधीन बाकी के कार्य 10 लाख से कम धनराशि के हैं। जीरो पार्वटी के तहत चिन्हित 214 परिवारों में से तकनीकी समस्या के चलते 25 अवशेष हैं, जिन्हें पूरा कराया जा रहा है। सामूहिक विवाह योजना में सत्यापन के उपरांत 15 आवेदनों को अग्रसारित किया जाना है। फैमिली आईडी में 7216 के सापेक्ष 95 प्रतिशत प्रगति कर अब तक 6858 आईडी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि विकासखण्ड में सरकारी परिसम्पत्तियों पर कहीं कोई कब्जा नहीं है।



