
अलीगढ़ जनपद के इगलास ब्लॉक में बी.एम.जेड. और टी.डी.एच. के सहयोग से विज्ञान फाउंडेशन द्वारा लिंग समानता एवं हिंसा रोकथाम पर संचालित परियोजनाओं के तहत 12 गांवों में सामुदायिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। करथला और गुरुदेव खेड़िया गांवों से आगाज हुआ कार्यक्रम में गांव की प्रधान C.H.o आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि लोग भी सामिल हुए।यह कार्यक्रम ‘मेरी कहानी मेरी जुबानी’ विषय पर केंद्रित रहा। और साथ में बाल विवाह मुक्त गांव का भी कार्यक्रम रहा इस कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने थम लगाकर एकता का संदेश दिया एवं अपने जीवन की सच्ची कहानियां साझा कीं, जबकि गायन के माध्यम से पुरुष-महिला के बीच सामाजिक भेदभाव और समानता का संदेश दिया गया। किशोरियों ने अपनी लिखित कहानियां व कविताएं गाकर प्रस्तुत कीं। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उन्हें बराबरी का अहसास दिलाना और बिना भय के अपनी बात रखने का साहस प्रदान करना है, ताकि समाज में उनका उचित स्थान सुनिश्चित हो। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक चलेगा।अरुण शर्मा और रवि शर्मा ने भी अपने विचार रखे, जो महिलाओं के जीवन के हर चरण—शिक्षा, रोजगार और अवसरों—पर इसका सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। और बाल विवाह के बारे में भी बताया की संविधान ने लड़का और लड़की की एक उम्र निर्धारित की है अगर उससे कम उम्र में बच्चों की शादी होती है तो वो गैर कानूनी है । जल्दी शादी करने से हम अपने बच्चों के भविष्य को अंधकार में डाल देते हैं आज के समय में जो शिशु और मातृ की मृत्यु जो हो रही हैं उसका कारण यही है ।
आज भी वही पुरानी मनुवादी नकारात्मक सोच से बाहर नहीं आ पा रहे हैं जो महिलाओं को कमजोर और पीछे रखती है महिलाओं के पास भी वो जज्बा वो ताकत है वो भी कर सकती है ।
आज हम ये सोचते हैं कि चार लोग क्या कहेंगे ओर जब महिलाओं को जलाया जाता है दहेज के नाम पर उनके साथ उत्पीड़न होता तक ये चार लोग कहां चले जाते हैं वो चार लोग और कोई नहीं हम ही हैं ।आज सरकार भी बच्ची के जन्म से लेकर शादी तक का खर्चा दे रही योजनाएं चलाई जा रही हैं जिससे समाज में लड़कियों शसक्त हो वो पड़े अपने सपने को साकार कर सके । इगलास थाने से S.I रुचि तोमर जी भी उपस्थित रहीं जिन्होंने बाल विवाह के बारे में बताया कि माता पिता सोचते हैं कि जल्दी शादी हो जाएगी तो ठीक है जमाना खराब है पर आप एक नहीं दो परिवारी को बर्बाद कर देते हैं जब उसके साथ हिंसा होती है तो वो थाने में भी नहीं जा सकती क्योंकि अपने उसका बाल विवाह किया है वो सहायता भी नहीं ले सकती जो कानून ने जोबनेर बच्चों की शादी की निर्धारित की है उसके बाद ही करे अपने बच्चों को पढ़ाए जो उनके सपने हैं उनको पूरा करने दे अगर बच्चा कोई गलत कदम उठा रहा है तो उससे समझाए ।फिर हेलोलाइन नंबर के बारे में भी बताया कि 1089,181,112 पर आप अपनी मदद के लिए कॉल करे ।बाल विवाह की शपथ अरुण शर्मा ने दिलाई
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुस्कान संगीता , फिज़ा आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।



