उपभोक्ता हित सर्वोपरि : स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
स्मार्ट मीटर जैसी आधुनिक प्रणाली को सफल बनाने के लिए उपभोक्ताओं का सहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक

अलीगढ़ : स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं के बीच सामने आ रही समस्याओं और भ्रम की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी संजीव रंजन ने विद्युत विभाग को व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, रिचार्ज प्रक्रिया, बैलेंस की जानकारी और बिल भुगतान से संबंधित सभी पहलुओं के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति न बने।
जिलाधिकारी ने मुख्य अभियंता विद्युत पंकज अग्रवाल को निर्देशित किया है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से जुड़े सभी बिंदुओं पर उपभोक्ताओं को नियमित रूप से जागरूक किया जाए और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विद्युत विभाग को फील्ड स्तर पर विशेष अभियान चलाने, उपभोक्ताओं को एसएमएस और अन्य माध्यमों से जानकारी देने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी, सटीक और आधुनिक बिजली सेवा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से उपभोक्ता अपने बिजली उपभोग और बैलेंस की जानकारी रियल टाइम में प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार रिचार्ज कर बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन उपभोक्ताओं को तकनीकी जानकारी कम है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें स्मार्ट मीटर के उपयोग में कोई परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर जैसी आधुनिक प्रणाली को सफल बनाने के लिए उपभोक्ताओं का सहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं से संवाद बढ़ाया जाए और किसी भी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे जनमानस को बेहतर विद्युत सेवाएं मिल सकें। जिला प्रशासन ने जनसमान्य को भरोसा दिलाया है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को और अधिक सुचारु व उपभोक्ता अनुकूल बनाने के लिए निरंतर निगरानी और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।



