स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के कार्यों की जांच शुरू, अनियमितता पर जिम्मेदारी होगी तय
सत्यापन में विकास कार्यों में कमी, लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं जिम्मेदार के विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई

अलीगढ़ : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कराए गए ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को लेकर सामने आए तथ्यों का प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।डीपीआरओ यतेंद्र पाल सिंह द्वारा बताया गया है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत आरआरसी, कूड़ा पात्र, सामुदायिक नाडेप, खाद गड्ढे, फिल्टर चैम्बर, सोक पिट एवं डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए उपलब्ध कराए गए वाहनों का निर्माण एवं संचालन कार्ययोजना के अनुरूप कराया जाता है। इन कार्यों का विकास खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), खंड प्रेरक और जिला समन्वयक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा नियमित सत्यापन भी कराया जाता है।उन्होंने बताया कि अकराबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत टूआमई में कराए गए कार्यों के संबंध में जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा विशेष सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान यदि किसी भी स्तर पर निर्माण में कमी, लापरवाही अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारी एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के उद्देश्यों के अनुरूप गांवों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निगरानी को और सुदृढ़ किया गया है, ताकि जनधन का समुचित एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो।



