जैन संत आचार्य श्री नमोस्तु सागर जी मुनिराज ससंघ का अलीगढ़ में हुआ मंगल प्रवेश
प्रथमबार जैन संत आचार्य श्री 108 नमोस्तु सागर जी मुनिराज का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ

शुक्रवार को खिरनी गेट स्थित श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन ट्रस्ट परिसर में प्रथमबार जैन संत आचार्य श्री 108 नमोस्तु सागर जी मुनिराज का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री मथुरा से राया मुरसान ,हाथरस,सासनी से पद विहार करते हुए प्रात: अलीगढ़ पहुंचे। शिवा गेस्ट हाउस आगरा रोड पर एकत्रित जैन समाज ने आचार्य श्री अगवानी की एवं बैंड बाजे के साथ सासनी गेट होते हुए बाग वाले मंदिर जी में प्रवेश कराया। जगह जगह रास्ते में श्रावक श्राविकाओं ने अपने घरों के आगे आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।जहां मंदिर के मंत्री विजय कुमार जैन ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन,आरती उतार कर अगवानी की। राजीव जैन ने बताया कि कड़कड़ाती सर्दी और कोहरे में जैन संत का पद विहार उनकी कठोर तपस्या और संयम का प्रतीक है,जहां वह दिगम्बर मुद्रा (बिना वस्त्र) में कड़ाके की ठंड में भी पैदल यात्रा करते है क्योंकि सर्दी गर्मी को वे परिषय मानकर सहन करते है जैन संत हमेशा पैदल चलते है और किसी भी भौतिक सुख सुविधा का त्याग करते है जिससे उनका मन और शरीर कठोर साधना के लिए तैयार होता है। मीडिया प्रभारी मयंक जैन ने बताया कि आचार्य श्री का कुछ समय के लिए अलीगढ़ में प्रवास रहेगा एवं उनके सानिध्य में धार्मिक आयोजन सम्पन्न होंगे। इस मौके पर रविन्द्र जैन, सुरेश कुमार जैन गढ़ी,अनिल जैन श्रीजी,हरिकांत जैन,मुकेश जैन,प्रदीप जैन,हेमंत जैन,विनय जैन,पंकज जैन,प्रकाश जैन,संजय जैन ,सतेंद्र जैन,दीपेंद्र जैन,कुणाल जैन,लक्ष्य जैन,सत्यम जैन,ऋषभ जैन,दक्ष जैन,समाज के महिला पुरुष बच्चे उपस्थित रहे।



