बच्चों की आयुर्वेदिक दवा ‘112 साल की बुढ़िया की घुट्टी’ बनाने वाली वैद्य रेवती प्रसाद कंपनी के मालिक जेपी गुप्ता का सोमवार को निधन हो गया
1939 में कंपनी की स्थापना की और 112 साल की बुढ़िया की घुट्टी का निर्माण शुरू कराया

अलीगढ़। बच्चों की आयुर्वेदिक दवा ‘112 साल की बुढ़िया की घुट्टी’ बनाने वाली वैद्य रेवती प्रसाद कंपनी के मालिक जेपी गुप्ता का सोमवार को निधन हो गया। वे करीब 80 वर्ष के थे। शनिवार को सड़क हादसे में घायल होने के चलते उन्हें दिल्ली के बीएलके मैक्स अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गई।रामघाट रोड पर विक्रम कॉलोनी निवासी जेपी गुप्ता को पैदल चलना अधिक पसंद था। शनिवार को वे किसी काम से करीब 12 बजे घर से रामघाट रोड पर गांधी आइ हॉस्पिटल की ओर पैदल ही जा रहे थे। अस्पताल के पास ही बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। इनके हाथ में चोट थी। इसके चलते स्वजन सिंघल हॉस्पिटल ले गए। हाथ की हड्डी टूटने के चलते ऑपरेशन किया गया। इसके बाद उन्हें घर ले आया गया, मगर यहां तबीयत में सुधार नहीं आ रहा था। कमजोरी अधिक महसूस कर रहे थे।सीटी स्केन में सिर में खून जमना पाया गया। इसके चलते उन्होंने दिल्ली के बीएलके मैक्स अस्पताल ले जाया गया। वहां भी चिकित्सकों ने सिर में चोट लगने से खून जमना बताया गया। इसके बाद आपरेशन करने का निर्णय लिया गया। ब्रेन हेमरेज होने के चलते सोमवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। देर शाम पार्थिव शरीर अलीगढ़ लाया गया और घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। इसके बाद शव यात्रा किशनपुर श्मशान घाट पर गई।मुखाग्नि उनके बड़े बेटे व कंपनी के एमडी नितिन घुट्टी ने दी। नितिन के अलावा परिवार में बेटा लव कुमार व बेटी दीप्ति गुप्ता, नाती पुलकित गुप्ता, भव्य गुप्ता हैं। निधन पर उद्योगपति धनजीत वाड्रा, अनमोल रतन, विजडम पब्लिक स्कूल के चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, अतुल अग्रवाल, विष्णु भैया, राधेलाल, डा. उमाशंकर वाष्र्णेय, वार्ष्णेय पहल के विष्णु कुमार बंटी, अमित गुप्ता कोनार्क, अतुल राजा, अमित गुप्ता, गौरव, प्रह्लाद अग्रवाल, सीए अतुल गुप्ता, नवीन कुमार, अधिवक्ता आकाश दीप, सुमित गोटेवाल आदि ने शोक जताया।
सेहत के प्रति रहते थे सजग, हर रोज चलते थे 10 हजार कदम
जेपी गुप्ता सेहत के प्रति काफी गंभीर रहते थे। हर रोज वह पैदल ही 10 हजार कदम चलते थे। शनिवार को पांच हजार कदम उन्होंने पार्क में टहल कर पूरे कर लिए थे। दोपहर में वह पैदल ही गांधी आई हास्पिटल की ओर निकल गए। वहां फल खरीदे। इसके बाद किसी अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी। उनके पुत्र नितिन घुट्टी ने बताया कि जब मैं उनके पास पहुंचा तो उन्होंने घर ले जाने की बात कही थी। केसी सिंघल हास्पिटल ले गया। एक्सरे में हाथ की हड्डी में फ्रेक्चर पाया गया। तब सिर में चोट लगने की जानकारी नहीं हुई। हालत बिगड़ने पर सीटी स्कैन कराया तब इसकी जानकारी हुई। इसके बाद मैं उन्हें तत्काल दिल्ली ले गया, लेकिन पापा को बचा नहीं पाया।
शहर के प्रमुख औषधि निर्माता जेपी गुप्ता के पिता वैद्य रेवती रमण पहले दशमूल काढ़ा (10 तरह की जड़ी-बूटी) तैयार करते थे। यह जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता था। प्रसव के बाद महिलाओं की सेहत के लिए बेहद लाभदायक होता था। 32 काढ़ा यानी इतनी तरह की जड़ी बूटियों के इस काढ़े ने लोकप्रियता में चार चांद लगा दिए। पुडिय़ा में जड़ी-बूटी से घर में नवजात के लिए घुट्टी तैयार होती थी। उन्होंने वर्ष 1939 में कंपनी की स्थापना की और 112 साल की बुढ़िया की घुट्टी का निर्माण शुरू कराया।



