किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आलू भंडारण दरों में 5 प्रतिशत की हुई मामूली बढ़ोत्तरी
आलू भंडारण की दरों के निर्धारण के संबंध में किसानों एवं शीतगृह स्वामियों के साथ बैठक आयोजित की गई

अलीगढ़ : जिलाधिकारी संजीव रंजन के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिले के शीतगृहों में आलू भंडारण की दरों के निर्धारण के संबंध में किसानों एवं शीतगृह स्वामियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों की बातों को विस्तार से सुना गया और संतुलित निर्णय लेने पर जोर दिया गया।बैठक का संचालन करते हुए जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने विगत वर्षों में आलू भंडारण दरों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में भी जिलाधिकारी द्वारा दोनों पक्षों की सहमति से वर्ष 2024 की ही दरें यथावत रखते हुए सादा आलू के लिए 250 रुपये प्रति कुंतल और सीआईपीसी उपचारित आलू के लिए 285 रुपये प्रति कुंतल भंडारण शुल्क निर्धारित किया गया था। अभिलेखों के अनुसार विगत 4 वर्षों से आलू भण्डारण मूल्य में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों एवं शीतगृह स्वामियो की ओर से रखी गई मांगों को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए चार वर्षों से आलू भण्डारण की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन एवं आलू उत्पादकों द्वारा रखे गए पक्षों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद किसान हितों को प्राथमिकता देते हुए विगत भंडारण शुल्क में 5 प्रतिशत वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शीतगृह स्वामी तय एवं निर्धारित भाड़े के अनुसार ही शुल्क वसूल करेंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी, शीतगृह स्वामी एवं आलू उत्पादक किसान उपस्थित रहे।
5 प्रतिशत की हुई बढोत्तरी: 4 वर्षों से जिले में सादा आलू भंडारण शुल्क रुपया 250 और शुगर फ्री 285 रहा है जो कि 5 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ इस वर्ष क्रमशः 262.50 पैसे और 299.25 प्रति कुन्तल पर सहमति बनी।



