राजा महेन्द्र प्रताप आईटीआई किढ़ारा में मनाया गया शहीद दिवस
राजा महेन्द्र प्रताप आईटीआई किढ़ारा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ

अलीगढ़ शहीद दिवस के अवसर पर आई.आई.एम.टी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा राजा महेन्द्र प्रताप आईटीआई किढ़ारा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती संध्या रानी बघेल एवं सरदार भगत सिंह को शरण देने महान देशभक्त ठा0 टोडर सिंह की पौत्रवधु श्रीमती रजनी तौमर द्वारा भारत माता और भगतसिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमको अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। किसी भी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभाना चाहिए। श्रीमती रजनी तौमर ने कहा कि महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की शरण स्थली शादीपुर ग्राम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी उनके बलिदान से प्रेरणा ले सके।आजादी का अमृत महोत्सव के जिला समन्वयक सुरेंद्र शर्मा ने कॉलेज में प्रदर्शनी लगाकर छात्र-छात्राओं के समक्ष अलीगढ़ के बलिदानियों की कहानी सुनाई, जिसमें बताया गया कि कितने लोगों ने बलिदान आजादी के लिए दिया है जिनके बारे में इतिहास में वर्णन नहीं किया गया है।पूर्व जिला उद्यान अधिकारी बी.के. शर्मा ने पर्यावरण संवर्धन के लिए बताया कि पेड़ तो अवश्य लगायें परंतु पेड़ों की देखभाल भी करें। पिछले 5 वर्षों में पेड़ तो बहुत लगाये गये, परंतु उनकी देखभाल ठीक से ना होने के कारण वह आज कहीं भी दिखाई नहीं देते हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुनील चौहान ने कहा कि हमने अनेकों बलिदानियों को खोया, तब हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अल्पायु में ही फांसी के फंदे को चूमा। अगर वह चाहते तो वह भी आज के प्रत्येक नागरिक की तरह जीवन व्यतीत कर सकते थे परंतु उन्होंने भारत माता को आजाद कराने के लिए कमर कस ली थी और उसी के लिए अंग्रेजों की गलत नीतियों का शिकार हुए।कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी उत्त्राधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमरपाल सिंह, महामंत्री सुरेश चन्द्र शर्मा, डां.बिजेन्द्र सिंह, डॉ. मध चाहर, आभा वार्ष्णेय, बसंत बंसल, आनंदपाल सिंह, नरेंद्र, धर्मवीर सिंह समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता प्रकाश सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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