स्टेमी प्रोग्राम से बच रहीं जानें: हार्ट अटैक के 53 मरीजों को त्वरित उपचार, 13 को थ्रोम्बोलाइज कर मेडिकल कॉलेज भेजा
दिल के मरीजों के लिए सक्रिय स्वास्थ्य तंत्र: 108 एम्बुलेंस से समय पर रेफर हो रहे गंभीर मरीज

अलीगढ़ : जिले में हृदय रोगियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में हार्ट अटैक के लक्षण वाले मरीजों को त्वरित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही गंभीर स्थिति में उच्च संस्थान तक शीघ्र रेफर करने की व्यवस्था लागू है, जिससे कई मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल रहा है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 एम के माथुर ने बताया कि अस्पताल में जनवरी माह से स्टेमी प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब तक हार्ट अटैक के लक्षण वाले 53 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। इनमें से 13 मरीजों को जीवन रक्षक इंजेक्शन देकर थ्रोम्बोलाइज किया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सरकारी एम्बुलेंस सेवा 108 के माध्यम से जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इससे गंभीर मरीजों को समय रहते उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध हो सका।डॉ0 माथुर ने बताया कि संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 मरीजों को चिकित्सा परामर्श और निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ का नियमित पद स्वीकृत न होने के बावजूद वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.के. सिंघल द्वारा प्रतिदिन लगभग 180 से 200 मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को उपलब्ध संसाधनों के अनुसार समुचित उपचार प्रदान किया जा रहा है। गंभीर मरीजों के लिए त्वरित उपचार, आवश्यक जांच और रेफरल की व्यवस्था पूरी सक्रियता से संचालित है। अस्पताल प्रशासन द्वारा समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा और निरीक्षण भी किया जाता है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सालय में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।



