अलीगढ़

सीडीओ की अध्यक्षता में जिला गंगा सुरक्षा एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति की बैठक

जन सहभागिता से जिले में होगा वृहद वृक्षारोपण, विभागों को आवंटित किए गए लक्ष्य

अलीगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा सुरक्षा समिति एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के संवर्धन एवं व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक का संचालन करते हुए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप इस वर्ष भी जन सहभागिता के साथ वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में लगभग 35 करोड़ पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत जिले के विभिन्न विभागों को भी लक्ष्य आवंटित कर दिए गए है।उन्होंने जानकारी दी कि ग्राम्य विकास विभाग को 17,55,407, पर्यावरण विभाग को 22,100, राजस्व विभाग को 1,65,000, पंचायती राज विभाग को 2,00,000, आवास विकास विभाग को 8,000, औद्योगिक विकास विभाग को 10,000 तथा नगर निगम को 16,000 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों, बोर्ड, प्राधिकरण एवं निकायों को भी उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।सीडीओ ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थलों का समय से चयन कर कार्ययोजना उपलब्ध कराई जाए और पूर्व में लगाए गए पौधों की जीवितता प्रतिशत की रिपोर्ट भी समय से प्रेषित की जाए, ताकि अभियान को प्रभावी और परिणामकारी बनाया जा सके।जिला गंगा सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से जनपद की गंगा की सहायक एवं छोटी नदियों सेंगर, करबन, सिरसा, छुई, रुतबा एवं काली के जीर्णाेद्धार एवं मरम्मत कार्य के लिए संबंधित विभाग शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराएं।सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में 3000 मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण और हरित क्षेत्र का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण का निर्माण किया जा सके।

JNS News 24

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