जन्म प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर धोखाधड़ी करने वालों पर हुई बड़ी कार्रवाई- नगर आयुक्त ने दर्ज करायी 3 प्रकरण में एफआईआर
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने जन्म प्रमाण पत्र संबंधी मामलों में गड़बड़ी व धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ा रुख़ अपनाए हुए

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने जन्म प्रमाण पत्र संबंधी मामलों में गड़बड़ी व धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ा रुख़ अपनाए हुए है। शुक्रवार को फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाना कई लोगों को भारी पड़ गया नगर आयुक्त ने एसएफआई की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।प्रकरण 1 में शाहनवाज़ पुत्र श्री यासीन निवासी ढाई खैर रोड अलीगढ़ द्वारा जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु दी गई दो अलग–अलग तिथियों की प्रविष्टियों में गंभीर अनियमितता पाई गई है। शाहनवाज़ द्वारा पूर्व में दिनांक 15.08.2018 को जन्म तिथि दर्शाकर प्रमाण पत्र जारी कराया गया था, जबकि पुनः 08.04.2019 की तिथि दर्शाकर नया जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का आवेदन प्रस्तुत किया गया। जाँच में पाया गया कि अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ कर दो अलग-अलग प्रमाण पत्र प्राप्त करने का प्रयास किया गया है जो कि धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।प्रकरण 2 में प्रवीण कुमार पुत्र श्री ओमप्रकाश निवासी पुष्पांजलि नगर, अलीगढ़ द्वारा भी जन्म तिथि संबंधी गड़बड़ी करते हुए अलग-अलग अभिलेखों के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का प्रयास किया गया।प्रकरण 3 में श्रीमती गीता देवी पत्नी श्री भगवानप्रकाश, निवासी नगला बिहारी, अलीगढ़ ने अपने पुत्र सिद्धांत प्रकाश सिंह के जन्म दिनांक 07.07.2021 का जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु 15.12.2023 को आवेदन किया था पुनः अपने पुत्र सिद्धांत प्रकाश सिंह का जन्म दिनांक 05.01.2020 दर्शाते हुए 30.07.2025 को एक और आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस बार भी विद्यालय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं शपथ पत्र संलग्न किए गए। नगर निगम जांच में पाया गया कि दोनों जन्म तिथियां परस्पर विरोधाभासी हैं।नगर आयुक्त ने बताया किनगर निगम की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है तीनों प्रकरण में दो अलग-अलग तिथियों में जन्म संभव नहीं है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि संबंधित आवेदक द्वारा दस्तावेजों में हेराफेरी कर धोखाधड़ी की जा रही है।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि ऐसे प्रकरणों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे गंभीर विषय में धोखाधड़ी करना न केवल अपराध है, बल्कि शासकीय कार्यों में बाधा डालने के समान है।