नगर निगम, लोनिवि, परिवहन एवं यातायात विभाग जनहित में उठाए सभी आवश्यक कदम
डीएम ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए कड़े निदेश

अलीगढ़ ): जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। डीएम ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी जिम्मेदारों को इस पर संवेदनशील होने की आवश्यकता है। सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है, जोकि समाज पर भी आर्थिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभाव छोड़ती है। उन्होंने नगर निगम, लोनिवि, परिवहन एवं यातायात विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जनहित में सभी प्रकार से आवश्यक कदम उठाते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।उन्होंने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को समाप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोहरा आरंभ होने से पूर्व वाहनों विशेषकर ट्रैक्टर ट्रॉली पर मानक के अनुरूप रिफ्लेक्टिव टेप लगवाना सुनिश्चित करें। डीआईओएस को निर्देशित किया गया कि जागरूकता के उद्देश्य से विद्यालयों में स्कूली बसों, वाहनों की अधिकतम गति सीमा और मानक के अनुरूप सीट क्षमता वाले वाहनों के प्रयोग के बारे में स्टीकर बैनर लगवाएं।जिले में अकराबाद, इगलास एवं टप्पल में चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र के इर्द गिर्द वाले हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार से सबन्धित सभी सुविधाओं को सुनिश्चित कराने के साथ ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए। नगर निगम, डीपीआरओ एवं अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वह सुनिश्चित कराएं कि सड़कों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था होने के साथ ही सड़क के किनारे कूड़े के ढे़र यानी घूरे न डाले जाएं। भांकरी फलमंडी सड़क चौड़ीकरण का कार्य नुमाइश आरंभ होने से पूर्व पूरा कराने के भी निर्देश दिए गए।डीएम ने एआरएम रोड़वेज़ को सख्त लहज़े में निर्देशित किया कि सूतमिल चौराहा पर रोडवेज बसों द्वारा बाहर सड़क पर खड़े होकर सवारियां भरना तत्काल बंद कराया जाए, इससे यातायात बाधित होने के साथ ही दुर्घटनाओं की प्रबल संभावना रहती है। उन्होंने एआरएम को निर्देशित किया कि वह खुद खड़े होकर व्यवस्थाओं में सुधार लाएं।बैठक में सड़कों की जर्जर हालत पर भी गम्भीर चिंता व्यक्त की गई। डीएम ने कहा कि नगर क्षेत्र में भी सड़कों का बुरा हाल है, सभी कट मरम्मत योग्य हैं, कार्यों में लेटलतीफी का खामियाजा जनता और जिला पुलिस प्रशासन को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया कि वह सड़क सुरक्षा टीम गठित कर दुर्घटनाओं को कम से कमतर करने के लिए हरसंभव ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए। जिले की सड़क दुर्घटनाओं की तुलनात्मक समीक्षा में पाया गया कि माह अक्टूबर 2024 में 82 सड़क दुर्घटनाओं में 41 आकस्मिक मृत्यु हुईं, वहीं माह अक्टूबर 2025 में 132 सड़क दुर्घटनाओं में 57 लोक काल कल्वित हो गए। विगत वर्ष जनवरी 2024 से अक्टूबर 2024 तक 778 सडक दुर्घटनाएं हुई वहीं जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक 1002 दुर्घटनाएं हुईं। लापरवाही व तेज गति से वाहन चलाने के दौरान घटित सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की सख्या में 20.74 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ इस वर्ष अक्टूबर तक 482 लोग अपनों से हमेशा के लिए बिछड़ गए। सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं 145 नेशनल हाइवे पर, 125 स्टेट हाइवे पर दर्ज की गईं।बैठक में एडीएम सिटी, एसपी ट्रैफिक, आरटीओ, एआरटीओ, अधिशासी अभियंता लोनिवि, डीपीआरओ समेत एनएचएआई एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



