स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती: क्रिटिकल केयर यूनिट से बढ़ेगी उपचार क्षमता, आम आदमी को मिलेगा भरोसेमंद इलाज
अब रेफर की मजबूरी नहीं, 100 शैय्या सीसीयू से जिले में ही मिलेगा गंभीर रोगों का उन्नत उपचार

अलीगढ़ : प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में निर्माणाधीन 100 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है। सीमित वित्तीय व तकनीकी कारणों से समय-सीमा में परिवर्तन के बावजूद परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है और इसे जून 2026 से पहले पूर्ण कर जनसामान्य को समर्पित किया जाएगा।इकाई प्रभारी नरेंद्र कुमार दिनकर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना के लिए 32 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्य मार्च 2024 में प्रारम्भ हुआ। अब तक 22.09 करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं, जिसके सापेक्ष लगभग 22 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत हो चुकी है।उ०प्र० राजकीय निर्माण निगम लि०, अलीगढ़ इकाई के अनुसार भवन का स्ट्रक्चर, चिनाई व आंतरिक प्लास्टर कार्य पूर्ण हो चुका है। बाह्य प्लास्टर व प्रथम कोट पुट्टी का कार्य 98 प्रतिशत और टाइल्स व ग्रेनाइट का कार्य 80 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। यूजीआर टैंक से संबंधित आरसीसी वाल का कार्य प्रगति पर है। स्थल विकास के लिए मिट्टी भराई के आगणन को तकनीकी समिति की संस्तुति के साथ शासन को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही शेष बाह्य कार्य भी शीघ्र पूरे किए जाएंगे।अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ0 मोहन झा ने बताया कि 100 शैय्या क्रिटिकल केयर ब्लॉक के चालू होने से गंभीर मरीजों को अब बाहर रेफर नहीं किया जाएगा। हृदयाघात, सड़क दुर्घटना, ब्रेन स्ट्रोक, श्वसन रोग एवं अन्य आपात स्थितियों में अत्याधुनिक इलाज यहीं उपलब्ध होगा। इससे न केवल समय पर उपचार संभव होगा, बल्कि गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक और मानसिक राहत भी मिलेगी।सीएमओ डॉ नीरज त्यागी ने कहा कि यह परियोजना सरकार की उस संवेदनशील और जनहितकारी सोच को दर्शाती है, जिसमें आम नागरिक के जीवन और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में यह क्रिटिकल केयर ब्लॉक जिले के लिए एक महत्वपूर्ण और स्थायी उपलब्धि सिद्ध होगा।



