जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का निर्वाण दिवस महोत्सव मनाया
श्री 1008 आदिनाथ भगवान का निर्वाण (मोक्ष ) दिवस अत्यन्त हर्षोल्लास एवं भक्ति भाव से बड़े ही धूमधाम से धार्मिक आयोजन

अलीगढ़।खिरनी गेट स्थित श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन ट्रस्ट मंदिर (बाग वाला मंदिर) में जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर श्री 1008 आदिनाथ भगवान का निर्वाण (मोक्ष ) दिवस अत्यन्त हर्षोल्लास एवं भक्ति भाव से बड़े ही धूमधाम से धार्मिक आयोजन के साथ मनाया गया।प्रातः काल में श्रीजी का कलाशाभिषेक,शांतिधारा के साथ श्री आदिनाथ महिला मण्डल द्वारा आदिनाथ मण्डल विधान का आयोजन किया गया एवं सामूहिक निर्वाण काण्ड का उच्चारण करके निर्वाण लाडू श्रीजी के समक्ष चढ़ाया गया।सायंकालीन मंदिर में श्री भक्तामर स्त्रोत पाठ,आरती एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया।प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने बताया कि मोक्ष कल्याणक जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि कैसे एक मनुष्य तपस्या, आत्म-नियंत्रण और सम्यक् चारित्र (सही आचरण)द्वारा कर्मों का नाश कर सिद्ध (मुक्त)हो सकता है,जो संसार से मुक्ति और परम आनंद (निर्वाण) का मार्ग है और यह दिन हमें आत्म-कल्याण के लक्ष्य की याद दिलाता है।आदिनाथ भगवान ने असि (तलवार),मसि (लेखन),कृषि,विद्या, वाणिज्य और शिल्प जैसे छह कर्मों का उपदेश देकर मानव सभ्यता की नींव रखी और उनके मोक्ष से यह शिक्षा और गहरी होती है कि सांसारिक जीवन के साथ साथ आध्यात्मिक उन्नति भी ज़रूरी है जो सभी के लिए प्रेरणा है कि मोक्ष ही मनुष्य जीवन का परम उद्देश्य है।इस मौके पर विजय कुमार जैन,राजीव जैन,हरिकांत जैन,संतोष जैन,प्रदीप जैन,दिलीप जैन, मयंक जैन,प्रकाश जैन,रीता जैन,रजनी जैन,पूर्वी जैन,मधु जैन,गरिमा जैन,अंजलि जैन,इंद्रा जैन,रितु जैन,कामिनी जैन,रिम्पी जैन एवं समाज के महिला पुरुष बच्चे उपस्थित रहे।



