जेल में निरुद्ध सिद्धदोष बंदी की मृत्यु की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद घटना की जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को नामित किया गया

अलीगढ़ : जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध एक सिद्धदोष बंदी की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद घटना की जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को नामित किया गया है।वरिष्ठ जेल अधीक्षक अलीगढ़ के पत्र के अनुसार सिद्धदोष बंदी राजू उर्फ रियाजुद्दीन (54 वर्ष) पुत्र यूसुफ खां निवासी ग्राम बड़ा सिकरना, थाना छर्रा, जनपद अलीगढ़ को 01 अक्टूबर 2019 को थाना बरला में दर्ज अपराध संख्या 162/2019 (धारा 398, 401, 307 आईपीसी) एवं अपराध संख्या 163/2019 (धारा 3/25 आर्म्स एक्ट) के मामले में जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध किया गया था।उक्त प्रकरण में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-14 अलीगढ़ द्वारा दिनांक 11 फरवरी 2025 को आरोपी को विभिन्न धाराओं में कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी, जिसका वह कारागार में रहते हुए निर्वहन कर रहा था।जेल प्रशासन के अनुसार बंदी लंबे समय से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, किडनी एवं मस्तिष्क से संबंधित गंभीर बीमारियों से पीड़ित था। कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान उसका उपचार जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ और सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में कराया गया। 13 दिसंबर 2025 को उसे जेएन मेडिकल कॉलेज से रेफर कर सफदरजंग अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान 21 दिसंबर 2025 को सायं 6ः45 बजे उसकी मृत्यु हो गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक द्वारा घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने का अनुरोध किए जाने पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, अलीगढ़ को पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



