देह दान कर्त्तव्य संस्था द्वारा अंग/देह दान जागरूकता,जल दिवस व नवीन सदस्यों का सम्मान
देह दान कर्त्तव्य संस्था द्वारा मुक्ताकाश अपने कार्यालय जीवन हॉस्पिटल बेला मार्ग विष्णु पुरी अलीगढ़ पर ऐतिहासिक गोष्ठी का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ

देह दान कर्त्तव्य संस्था द्वारा मुक्ताकाश अपने कार्यालय जीवन हॉस्पिटल बेला मार्ग विष्णु पुरी अलीगढ़ पर ऐतिहासिक गोष्ठी का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
नवीन सदस्यों से पहले इतिहास रचने वाले हैंडस फॉर हेल्प संस्था के सक्रीय सदस्य दीपक खन्ना को शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। क्योंकि उन्होंने अपने बांये हाथ पर टैटू सियाही से लिखवा रखा है कि *मेरी मृत्यु के बाद मेरा पूरा शरीर दान किया

जाये *मेरे संज्ञान में ऐसा आज तक किसी दानी व्यक्ति ने नहीं किया। उन्होंने कहा कि य़ह ईश्वरी देन है उसी के बन्दों के काम आ जाय तो अच्छा है। सचिव डॉ जयंत शर्मा ने कहा कि आज जल दिवस पर हमें इस कीमती वस्तु को बचाने का भरपूर प्रयासरत होना चाहिए। अध्यक्ष डॉ एस के गौड़ ने कहा कि नवीन सदस्यों का बढ़ना दर्शाता है कि लोग अंग/देह दान की अहमियत समझने लगे हैं। य़ह शरीर ईश्वरी अमानत है।मरणोपरांत उसी के दो बन्दों को दान कर रहे हैं। लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि जैसे हम पुराने कपड़ों को जलाते नहीं बल्कि जरूर मंदों को दान कर देना चाहिए। नए तरीकों द्वारा दो आँखों (कौरनिया) से छःलोगों की जिंदगी रोशन हो सकती है।डॉ गौड़ सुबह सैर पर जाते समय किसी को गाड़ी / सड़क धोते देखने हैं तो ऐसा ना करने का शालीनता से आग्रह करतेहैं।हैंडस फॉर हेल्प के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार ने कहा कि देह दान कराने से पहले मैडिकल कॉलेज के एनाटौमी विभाग का अध्ययन करना चाहिए। मिडिया प्रभारी डॉ डी के वर्मा, नेत्र विशेषज्ञ डॉ ए के शर्मा ने कहा कि नेत्रदान कर किसी को रोशनी देने से बड़ा पुण्य कर्म नहीं हो सकता।डॉ डी के वर्मा (मीडिया प्रभारी), डॉ एम एल गौड़ ,,अजय राणा, विवेक अग्रवाल,मेघ श्यामशर्मा, रामू, समाज सेवी दिलीप दामोदर वार्ष्णेय, किरण वार्ष्णेय आदि सहयोगी बने।



