उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा-2026 को पूर्ण शुचिता, पारदर्शिता और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराई जाएगी

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा-2026 को पूर्ण शुचिता, पारदर्शिता और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराई जाएगी। केंद्र में कोई भी शिक्षक, कर्मचारी या बाह्य केंद्र व्यवस्थापक अपने पास मोबाइल नहीं रख सकेंगे। सभी के मोबाइल मुख्य द्वार पर जमा कराए जाएंगे। परीक्षा केंद्र पर केवल केंद्र व्यवस्थापक को ही मोबाइल रखने की अनुमति होगी।जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर पूरन सिंह ने धर्म समाज इंटर कॉलेज में जिले के सभी 136 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों व बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समीक्षा बैठक में यह बात की। बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।डीआईओएस डॉक्टर पूरन सिंह ने कहा कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। प्रश्न पत्रों के रख-रखाव के लिए सभी केंद्रों पर स्ट्रांग रूम में पुलिस सुरक्षा अनिवार्य होगी। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे और वाइस रिकार्डर पूरी तरह क्रियाशील अवस्था में रहेंगे।डीआईओएस ने बताया कि हर परीक्षा केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और बाह्य केंद्र व्यवस्थापक को परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा पूर्व केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। साथ ही जनरेटर, इनवर्टर, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं प्रशिक्षक डॉक्टर विपिन कुमार वार्ष्णेय ने बैठक में बताया कि स्ट्रांग रूम में चार डबल लाक युक्त लोहे की अलमारियां होंगी, जिनमें प्रथम व द्वितीय पाली के प्रश्न पत्र, अनुपस्थित परीक्षार्थियों के अवशेष प्रश्न पत्र तथा रिजर्व सेट सुरक्षित रखे जाएंगे। अलमारियों की चाबियों का वितरण तय नियमों के अनुसार होगा और खोलने-बंद करने की पूरी प्रक्रिया लाग बुक में दर्ज की जाएगी। जो पुलिस की अभिरक्षा में रहेगी।बैठक में धर्म समाज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर कौशलेंद्र यादव ने कहा कि सभी केंद्र व्यवस्थापक अपने-अपने केंद्रों पर नियुक्त कक्ष निरीक्षकों का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से कराएं।



