बुद्ध पूर्णिमा को हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. इसी पूर्णिमा तिथि न सिर्फ भगवान बुद्ध का जन्म हुआ
बुद्ध पूर्णिमा 23 मई 2024 को है. इसे बौद्ध धर्म का मुख्य पर्व माना जाता है. यह त्यौहार गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञानोदय और मृत्यु का प्रतीक है.

वैशाख पूर्णिमा यानी बुद्ध पूर्णिमा को हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. इसी पूर्णिमा तिथि न सिर्फ भगवान बुद्ध का जन्म हुआ बल्कि, इसी तिथि पर सालों वन में भटकने और कठोर तपस्या करने के बाद बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था.यही वजह है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधगया (Bodh gaya) में दुनियाभर से बौद्ध धर्म मानने वाले आते हैं और बोधि वृक्ष (Bodhi Tree) की पूजा करते हैं. इस बार भगवान बुद्ध की 2586वीं जयंती है. आइए जानते हैं बुद्ध पूर्णिमा 2024 के दिन पूजा, दान का शुभ मुहूर्त.बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा का शुभ मुहूर्त (Buddha Purnima 2024 Puja muhurat)बुद्ध पूर्णिमा 23 मई 2024 को है. इसे बौद्ध धर्म का मुख्य पर्व माना जाता है. यह त्यौहार गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञानोदय और मृत्यु का प्रतीक है.
- वैशाख पूर्णिमा तिथि शुरू – 22 मई 2024, शाम 06.47
- वैशाख पूर्णिमा तिथि समाप्त – 23 मई 2024, रात 07.22
- पूजा का समय – सुबह 10.35 – दोपहर 12.18
बुद्ध पूर्णिमा पर क्या दान करें (Buddha purnima daan)बुद्ध पूर्णिमा पर पंखा, जल से भरा मिट्टी का घड़ा, चप्पल, छतरी, अनाज, फल, का दान करने का विशेष महत्व है. दान-पुण्य से पितृगण प्रसन्न होते हैं. पूर्णिमा तिथि पर हवन, पूजन करना शुभदायी होता है. इससे सद्गति प्राप्त होती है. विष्णु जी की कृपा से कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है.
पूर्णिमा पर करें ये काम (Buddha purnima Puja)बुद्ध पूर्णिमा पर घर में बुद्ध देव की मूर्ति की स्थापना करें, साथ ही इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करें. दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित भरें और भगवान का अभिषेक करें. बुद्ध पूर्णिमा पर पीले रंग के वस्त्र का दान करें. तुलसी के साथ भगवान बुद्ध को मिठाई का भोग लगाएं.शिवलिंग के पास दीपक जलाकर ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें.देवी पार्वती को सुहाग का सामान जैसे चूड़ी, लाल साड़ी, कुमकुम आदि चीजें अर्पित करें.