उत्तर प्रदेश के जैन तीर्थों को विकसित एवं जीर्णोद्धार के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से राजीव जैन ने की भेंट
श्री दिगम्बर जैन महासमिति के प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने साथ में श्रावस्ती तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष संजीव जैन ने शिष्टाचार भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित

उत्तर प्रदेश के जैन तीर्थों को विकसित एवं जीर्णोद्धार के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से राजीव जैन ने की भेंट
शुक्रवार को लखनऊ स्थित आवास कार्यालय पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से श्री दिगम्बर जैन महासमिति के प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने साथ में श्रावस्ती तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष संजीव जैन ने शिष्टाचार भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित कर उत्तर प्रदेश जो कि 17 जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली है अपना अलग महत्त्व रखती है। वहां पर जैन तीर्थों को विकसित एवं जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव प्रेषित कर तीर्थों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने आगरा के पास अछनेरा में स्थित कठवारी गांव में लगभग 500 साल पुराना दिगंबर जैन मंदिर है, जो जर्जर हालत में है और जिसे जीर्णोद्धार की अतिआवश्यकता है अपना प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व रखता है के प्रस्ताव को स्वीकृति के अग्रिम कार्यवाही हेतु आश्वस्त किया।

श्रावस्ती जैन धर्म का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जो तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ की जन्मभूमि है और यहाँ प्राचीन काल में कई भव्य जैन मंदिर थे, जिनमें से कुछ का निर्माण सम्राट अशोक और राजा सम्प्रति ने कराया था कि मंत्री जी ने त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किया।
वाराणसी का चंद्रगिरि (चंद्रावती) जैन मंदिर जो कि 8वें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभ की जन्मस्थली है, जहाँ उनके चारों कल्याणक (गर्भ, जन्म, दीक्षा, केवलज्ञान) हुए थे, और यह स्थल 9वीं-10वीं शताब्दी के प्राचीन अवशेषों और ताम्रपत्रों से जुड़ा है जो इसे जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बनाता है, जो वर्तमान में वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर स्थित है और जैन श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख केंद्र है उसे भी विकसित एवं जीर्णोद्धार के लिए आग्रह किया जिसको मंत्री जी आश्वस्त किया कि जल्द ही चरणबद्ध तरीके से योजना के तहत कराया जायेगा।



