कलैक्ट्रेट में डीसीडीसी, एआईएफ व डीएलएमआईसी की समीक्षा बैठक संपन्न
एआईएफ योजनान्तर्गत बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों पर सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए

अलीगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला सहकारी विकास समिति, एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड एवं जिला स्तरीय मॉनिटरिंग एवं कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार की मंशा है कि सहकारी समितियां केवल ऋण वितरण तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण उद्यमियों की आय वृद्धि का मजबूत माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्र में भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। सीडीओ ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं सक्रियता दिखाएं, ताकि सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सके।मुख्य विकास अधिकारी ने नवगठित सहकारी समितियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, नवीन समितियों के गठन तथा पैक्स के कंप्यूटरीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। एआईएफ योजनान्तर्गत बैंक स्तर पर 29 आवेदनों के लंबित रहने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निशान्त सिंघल एवं अनिकेत वार्ष्णेय के आवेदनों का भौतिक सत्यापन कर उसकी प्रगति आख्या से अवगत कराने को निर्देशित किया गया। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रत्येक माह मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए, ताकि सहकारिता एवं कृषि अवसंरचना से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके।बैठक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, सचिव कार्यपालक अधिकारी जिला सहकारी बैंक, पीडी भाल चन्द त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला कृषि अधिकारी, क्षेत्रीय खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, एलडीएम, डीडीएम नाबार्ड सहित जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक, समिति सचिव एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।



