अनुशासनहीनता पर नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक पर गिरी गाज, निलंबित
गर पालिका परिषद के अध्यक्ष की ओर से अनुशासनहीनता और कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई

हाथरस। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष की ओर से अनुशासनहीनता और कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने पालिका में तैनात वरिष्ठ लिपिक विद्यासागर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें जलकल अनुभाग से संबद्ध किया गया है। मामला वरिष्ठ लिपिक द्वारा अपने ही विभाग के एक अन्य कर्मचारी के विरुद्ध पुलिस में शिकायत करने से जुड़ा है। बताया जाता है कि वरिष्ठ लिपिक विद्यासागर शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने नगर पालिका सेवक आचरण विनियम, 1959 के प्रावधानों की घोर अनदेखी की है। उन्होंने लेखा लिपिक संजय अग्रवाल के विरुद्ध बीते 22 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र भेजा था। पालिका प्रशासन का मानना है कि इस कृत्य से नगर पालिका परिषद की छवि धूमिल हुई है। निलंबन की अवधि में नियमानुसार उन्हें आधा वेतन और जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, बशर्ते वह इस आशय का प्रमाण प्रस्तुत करें कि वे किसी अन्य व्यवसाय या सेवा में संलग्न नहीं हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए अवर अभियंता (जल) हर्षवर्धन को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर आरोपों का आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करें और जल्द से जल्द जांच प्रक्रिया पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपें। वरिष्ठ लिपिक राजीव कुलश्रेष्ठ को अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ पेंशन लिपिक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण का जिम्मा वरिष्ठ लिपिक राजेश सिंह परिहार को दिया गया है। पालिका की इस सख्त कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है
मनोज शर्मा की रिपोर्ट



