साहब जी: नहीं मिले पीएम आवास, टिनशेड-तिरपाल में गुजर रहे दिन-रात, 5000 आवेदन लंबित
पक्के आवास की आस में कच्चे मकान, टिनशेड की छत और दीवार की जगह तिरपाल के सहारे इनके दिन-रात गुजर रहे हैं।

हाथरस। शहर में ऐसे कई गरीब हैं जो पीएमआवास योजना की पात्रता रखते हैं। इन्होंने आवेदन भी किए हुए हैं। डूडा ( जिला नगरीय विकास अभिकरण) ने भी इनके पात्र होने की रिपोर्ट लगाई हुई है। लेकिन शासन से लक्ष्य नहीं मिलने के कारण यह सारी कवायद फाइलों में ही बंद होकर रह जाती है।बीसाल 2019 से पीएम आवास योजना (शहरी) में हाथरस से एक भी लाभार्थी का चयन नहीं हो पाया है। पांच हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। कई बार डूडा इनकी पात्रता की जांच कर चुका है, हर बार आस जगती है और फिर विभाग भी भूल जाता है। पक्के आवास की आस में कच्चे मकान, टिनशेड की छत और दीवार की जगह तिरपाल के सहारे इनके दिन-रात गुजर रहे हैं। लंबित आवेदनों की हर साल जांच होती है। इसके बाद पात्रता सूची भी तैयार की जाती है। शहर में ऐसे कई गरीब हैं जो पीएमआवास योजना की पात्रता रखते हैं। इन्होंने आवेदन भी किए हुए हैं। डूडा ( जिला नगरीय विकास अभिकरण) ने भी इनके पात्र होने की रिपोर्ट लगाई हुई है। लेकिन शासन से लक्ष्य नहीं मिलने के कारण यह सारी कवायद फाइलों में ही बंद होकर रह जाती है। पात्रता सूची फाइलों से बाहर नहीं आ पाती है। सर्दी और शीतलहर से बचने के लिए इन्होंने तिरपाल डाली हुई है। बारिश से बचने के लिए टिनशेड डाली हुई है। कुछ लोग छप्पर डालकर रह रहे हैं।केस नंबर- गिजरौजी टॉप रोड की रहने वाली रानी ने बताया कि वह अपने पति वीरेंद्र व चार बच्चों के साथ छप्पर डाल कर रह रही हैं। बरसात के दिनों में तो बमुश्किल ही भीगने से बचा जाता है। कई बार सर्वे हो गया है, लेकिन अभी तक मकान नहीं मिला है।केस नंबर 2 गिजरौली की रहने वाली मिठ्ठे देवी ने बताया कि अपने तीन बच्चों के साथ लंबे समय से कच्चे बने मकान पर तिरपाल डालकर गुजारा कर रही हैं।सर्दी के मौसम में तो ओस की बूंदे भी छत से टपकती रहती है। बारिश में तो अंदर रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।केस नंबर 3नयाबांस के रहने प्रेम उम्र 70 वर्ष ने बताया कि अपने पत्नी के साथ यहां तिरपाल डालकर शुरू से रह रहे हैं। कई बार आवेदन करने के लिए गए थे, लेकिन आधार कार्ड ही नहीं बन पाया है। इस कारण अभी तक आवास नहीं मिला पाया है।इनका कहना हाथरस। मनीष चौधरी, प्रभारी पीओ डूडा कहना है की अभी आवास योजना के तहत आवास देने के लक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। लक्ष्य प्राप्त होने पर ही आवंटन की प्रकिया शुरू हो सकेगी।-