जल जीवन मिशन की प्रगति पर सख्त समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
70 राजस्व ग्रामों में सभी कार्य पूर्ण कर 51 योजनाएं ओएंडएम में शामिल

अलीगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति, संचालन एवं अनुरक्षण (ओएंडएम), गुणवत्ता तथा भुगतान संबंधी विषयों की गहन समीक्षा की गई।सीडीओ ने कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रवीन इलेक्ट्रिकल्स को निर्देशित किया कि कार्मिकों की उपस्थिति जियो-टैग युक्त फोटो सहित पत्रावली पर प्रस्तुत की जाए। साथ ही ऑपरेशन एवं मेंटिनेंस में जा चुकी सभी 51 परियोजनाओं में सड़क पुनरोद्धार का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।बैठक में आयन एक्सचेंज की कार्य प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सीडीओ ने ऑपरेशन एवं मेंटिनेंस में सम्मिलित परियोजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) लोकेश शर्मा ने अवगत कराया कि वर्तमान में 51 परियोजनाएं ओएंडएम में जा चुकी हैं, जिनकी संख्या फरवरी माह के अंत तक बढ़कर लगभग 92 हो जाएगी। उन्होंने ग्राम गांगलपुर एवं अलहदादपुर नींवरी में शिरोपरि जलाशय निर्माण के लिए भूमि चिन्हांकन की मांग रखते हुए बताया कि गांगलपुर में अन्य सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं।बैठक में आईएसए कार्मिकों के भुगतान का विषय भी उठाया गया। उड़ान सोसाइटी, ओम गौरा एवं विंध्य विकास के कर्मचारियों ने बताया कि उनके कार्यों का सत्यापन ग्राम प्रधान एवं खंड विकास अधिकारी स्तर से हो चुका है। इस पर सीडीओ ने अधिशासी अभियंता जल निगम को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता लोकेश शर्मा ने बताया कि जनपद के 1124 राजस्व ग्रामों में से 54 ग्राम पूर्व निर्मित पेयजल योजनाओं से आच्छादित हैं, जिनका संचालन एवं रख-रखाव अब चयनित फर्म के माध्यम से किया जाएगा। शेष 1070 ग्रामों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 724 ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित हैं।उन्होंने बताया कि मिशन के तहत 730 नलकूप, 730 पम्प हाउस, 7172 किमी वितरण प्रणाली, 728 शिरोपरि जलाशय तथा लगभग 3.94 लाख गृह जल संयोजन प्रस्तावित हैं, जिनमें से अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में 70 राजस्व ग्रामों में सभी कार्य पूर्ण कर योजनाओं को ओएंडएम में शामिल किया जा चुका है, जबकि कई ग्रामों में आंशिक जलापूर्ति सुचारू रूप से जारी है। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि केन्द्रीय अंश की धनराशि प्राप्त न होने के कारण कुछ योजनाओं की प्रगति प्रभावित हुई है, फिर भी शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर नल से जल का लक्ष्य पूरी प्रतिबद्धता और गुणवत्ता के साथ हासिल किया जाएगा।



