भारतीय माली सैनी समाज उत्थान एवं विकास समिति द्वारा महाराजा शूरसेन सैनी की जयंती मनायी गयी
सैनी समाज के लोगो द्वारा महाराज शूरसेन सैनी के चित्र पर किया गया माल्यापर्ण

भारतीय माली सैनी समाज उत्थान एवं विकास समिति द्वारा महाराजा शूरसेन सैनी की जयंती समिति अध्यक्ष टैक्स एडवोकेट की अध्यक्षता में कार्यालय गांधी आई शॉपिंग कॉम्प्लेक्स रामघाट रोड़ अलीगढ़ पर मनाई गई । सर्वप्रथम महाराजा शुर सैनी के चित्र पर अध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी , बन्टू सैनी , अमित सैनी , सचिन सैनी पहलवान भारत केसरी , राकेश सैनी लम्बरदार , सतीश नायक आदि ने माल्यार्पण कर शत शत नमन किया । इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी ने महाराजा शुर सेन सैनी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि
सैनी शब्द की उत्पत्ति “महाराजा शूर सैनी” के नाम से हुई है. वह एक पराक्रमी शूर वीर योद्धा थे. महाराजा शूर सैनी ” सम्राट शूरसेन ” के पुत्र थे । कभी वर्तमान के मथुरा नगर पर सम्राट शूरसेन का शासन हुआ करता था. मथुरा प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक था.
महाराजा शूर सैनी का जन्म महाभारत काल में हुआ था. वह एक शूरवीर क्षत्रिय थे. प्राचीन ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार मथुरा ” शूरसेन महाजनपद ” की राजधानी थी. सम्राट शूरसैन वासुदेव के पिता और भगवान कृष्ण के दादा थे. इस पौराणिक मान्यता के अनुसार यही वह वंश है जिसमें श्री कृष्ण का जन्म हुआ था और महाराजा शूर सैनी के वंशज ही सैनी कहलाए । इस अवसर मुकेश कुमार सैनी , अमित सैनी ,बंटू सैनी , सचिन सैनी पहलवान भारत केसरी, राकेश सैनी लंबरदार , दिलीप सैनी, लक्ष्मण सैनी , सतीश नायक , भानु प्रकाश सैनी, लक्ष्मण सैनी, राजकुमार सैनी प्रधान , बनवारी लाल सैनी, अनिल कुमार वर्मा , नरेंद्र कुमार अग्रवाल , सुरजीत सैनी , बृज किशोर सैनी , गोपाल सैनी ,मुन्ना लाल कुशवाहा , राजकुमार सैनी गाजियाबाद आदि उपस्थित थे ।