उत्तर प्रदेश के जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय का हुआ घेराव
शिक्षकों द्वारा वित्त एवं लेखा अधिकारी के समक्ष शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं से कराया गया अवगत

अलीगढ़, 20 जनवरी। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के वैनर तले संघ के जिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ० प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया। वित्त एवं लेखाधिकारी के समक्ष शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को रखा गया। वित्त एवं लेखा अधिकारी से वार्ता करते समय संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ प्रशांत शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के जीपीएफ लेजर 2007 से 2011 तक गायब हैं। ऐसे में शिक्षकों के मनोमस्तिष्क में भय की स्थिति बनी हुई है, कि उनकी जीपीएफ कटौती की धनराशि कहां जा रही है। जूनियर शिक्षक संघ अलीगढ़ ने ही 2022 में 34 लख रुपए का घोटाला पकड़वाया था वह आज 5 करोड रुपए का हो चुका है संगठन के पदाधिकारी आक्रोश में थे और अपने धन के लेखा की जानकारी मांग रहे थे। वित्त एवं लेखा अधिकारी ने उक्त समस्या को स्वीकार किया और कहा कि वे समस्या के निदान का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उनके पास कर्मचारियों की कमी है। जिससे समय अंतर्गत कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। संगठन के जिला महामंत्री इंद्रजीत सिंह ने कहा कि शिक्षकों ने अवशेष धन के लिए आवेदन कर रखे हैं, परंतु कुछ शिक्षकों के अवशेष धन निकाल दिए जाते हैं और अधिकतर शिक्षकों के अवशेष धन नहीं निकाले जाते हैं। ऐसा क्यों? बहुत से शिक्षकों ने जीपीएफ से अपने बच्चों की शादी के लिए, घर बनवाने के लिए ऋण लिया था, परंतु उनका धन समय पर निर्गत नहीं किया गया, और उनके आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। 31 मार्च 2025 को शिक्षक और कर्मचारी सेवानिवृत होने वाले हैं। उनके बारे में अभी तक कोई भी कार्यवाही पूर्ण रूप से नहीं की गई है। कैसे उनका जीपीएफ का धन और पेंशन निर्गत कर दी जाएगी ? सतासी रुपए प्रतिमाह जीआईएस की कटौती की जा रही है। जबकि जीवन बीमा निगम ने सन 2014 से उक्त बीमा को समाप्त कर दिया है। परंतु वर्तमान में निरंतर कटौती की जा रही है। यह धनराशि कहां जा रही है। इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। इस जीआईएस कटौती में भी घोटाले से इनकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की एनपीएस कटौती हो रही है उनकी धनराशि का विवरण प्रतिमाह ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है इसको प्रतिमाह ऑनलाइन किया जाना चाहिए। आदि समस्याओं को को लेकर शिक्षक संघ के पदाधिकारी आक्रोशित थे, वित्त एवं लेखाधिकारी ने समस्त समस्याओं का संगठन के सहयोग से योजना बनाकर निस्तारित करने का आश्वाशन दिया। यदि शिक्षकों की उक्त समस्याओं का समाधान 30 जून तक नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन के लिए वाध्य होगा। जिसके लिए संपूर्ण जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। जिस पर लेखाधिकारी महोदय ने सभी लेजर 30 जून तक कंप्लीट करने का संगठन को आश्वासन दिया है इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष विश्वनाथ, लोधा अध्यक्ष महेश चन्द्र राजपूत, रवीन्द्र कुमार कश्यप, विमल कुमार चौहान, रूमसिंह वर्मा, शशिरानी,दयाल शर्मा, देववती, शिवानी, जयन्ति, राजवीरसिंह, अनुज कुमार सिंह, होडिलसिंह, कुलदीप शर्मा, सफीउल्लाह, मो० जाहिद,अमित कुमार,सुनील कुमार वार्ष्णेय,सतेंद्र कुमार, सईद त्यागी,सुनील वर्मा,दिनेश शर्मा,साहब सिंह, नरेंद्र पाल सिंह चक्रवर्ती आदि उपस्थित रहे।