शिकायत से समाधान तकरू आशा कार्यकर्ताओं के हित में आगे आया स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य सेवाओं की धुरी आशा कार्यकर्ता

अलीगढ़ ग्रामीण व शहरी मलिन बस्तियों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को धरातल तक पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उनकी कार्य संबंधी समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। सीमित मानदेय के बावजूद दिन-रात सेवा देने वाली आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान, सम्मानजनक कार्य वातावरण और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।उक्त जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नीरज त्यागी द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच से लेकर सुरक्षित संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, नवजात शिशु देखभाल और सरकारी योजनाओं से जोड़ने तक आशा कार्यकर्ताओं की निर्णायक भूमिका रहती है। जननी सुरक्षा योजना और आरसीएच कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में आशाओं की मेहनत का बड़ा योगदान रहता है। इसके बावजूद लंबे समय से उनके समक्ष भुगतान में विलंब, प्रक्रियागत जटिलताओं और समन्वय की समस्याएं भी सामने आती रहती हैं।इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। विभागीय अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर अनावश्यक अड़चन न आए। आशा कार्यकर्ताओं को यह भी आश्वासन दिया गया है कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. तैयब ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ हैं। उनके परिश्रम से ही सरकारी योजनाएं आमजन तक पहुंच पाती हैं। उनकी कार्यस्थितियों को बेहतर बनाना और उन्हें उनका पूरा हक दिलाना विभाग का दायित्व है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं से संबंधित सभी विषयों की समीक्षा की जा रही है और आवश्यक सुधार कर उन्हें लागू किया जाएगा।सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता संगठन के प्रतिनिधियों ने भी विभागीय पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान होने से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में भी और सुधार होगा।



