प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करने एवं कानून सुरक्षा
व्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों की निगरानी में सुधार हेतु ड्रोन कैमरा चलाने व उपयोगिता के सम्बन्ध में दिया प्रशिक्षण

हाथरस। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन मे जनपद में विधि व्यवस्था, सुरक्षा और संदेहास्पद स्थानों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए जनपद मे नियुक्त प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को ड्रोन कैमरा चलाने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि उन्हें आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ किया जा सके। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की कार्यप्रणाली में नवाचार और तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अपराधों और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए ड्रोन कैमरा की मदद से संदेहास्पद स्थानों पर निगरानी रखना, अपराधों की रोकथाम करना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इस तकनीकी समाधान से पुलिस को घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने, उच्चतम दृष्टि से स्थिति का आंकलन करने और कार्रवाई की दिशा तय करने में सहूलियत होगी
हाथरस। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को ड्रोन कैमरा उड़ाने और उसे सही तरीके से संचालित करने के लिए विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ ड्रोन कैमरा के संचालन की सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, और उसकी बैटरी लाइफ जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को ड्रोन कैमरा के माध्यम से उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग, रात में निगरानी, और लाइव वीडियो फीडिंग जैसी सुविधाओं का उपयोग सिखाया जा रहा है।इसके साथ ही प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को यह भी सिखाया जा रहा है कि वे ड्रोन कैमरा का उपयोग किसी भी संवेदनशील या विवादास्पद स्थानों की निगरानी के लिए किस प्रकार करें, ताकि इसके जरिए किसी भी आपराधिक गतिविधि का पता लगाने में मदद मिल सके। दूरी से निगरानी:* ड्रोन का इस्तेमाल करके पुलिस किसी भी स्थान पर बिना वहां physically पहुंचे स्थिति का आकलन कर सकती है। आपातकालीन प्रतिक्रिया:* ड्रोन से तत्काल वीडियो डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जो पुलिस को तुरंत निर्णय लेने में मदद करता है। पारंपरिक निगरानी के मुकाबले प्रभावी: पारंपरिक तरीकों से निगरानी रखना कई बार समय ले सकता है, लेकिन ड्रोन कैमरे से यह कार्य त्वरित और सटीक तरीके से किया जा सकता है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी: ड्रोन कैमरे से खतरनाक इलाकों में पुलिस द्वारा निगरानी रखना आसान हो जाता है, जैसे कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र, सांप्रदायिक तनाव वाले स्थान, या घातक अपराध क्षेत्र।