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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में युद्ध जैसे हालात हैं. सरकार के खिलाफ विरोध में उतरे लोगों पर गोलीबारी की

शुक्रवार को बड़ी संख्या में कश्मीरी पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में युद्ध जैसे हालात हैं. सरकार के खिलाफ विरोध में उतरे लोगों पर गोलीबारी की  शुक्रवार को बड़ी संख्या में कश्मीरी पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे.यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, भारी टैक्स और बिजली की कमी को लेकर किया जा रहा है. बताया गया है कि जनता और सुरक्षाकर्मियों की झड़प में एक पुलिसकर्मी की मौत भी हुई है. इसके लिए 11 मई यानी शनिवार को पीओके के लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन एक दिन पहले ही मुजफ्फराबाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया गया था, जिसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा. इनके अलावा दादियाल, मीरपुर और समाहनी, रावलकोट समेत पीओके के अन्य हिस्सों से झड़प की खबरें आईं.


रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी बलों ने शुक्रवार को पीओके के मीरपुर जिले में 70 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया. इसके बाद गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर गई. गिरफ्तारी के विरोध में आम जनता ने सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके और कई जगहों पर झड़प हुई. रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में धारा 144 लगा दी गई है.दरअसल, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने के लिए शुक्रवार को एक आम हड़ताल बुलाई थी. इसमें ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल भी शामिल थी. कमिटी ने इस्लामाबाद सरकार पर समझौतों को पूरा न करने का आरोप लगाया है. मुजफ्फराबाद में हड़ताल के दौरान पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और हवा में गोलियां चलाने का भी सहारा लेना पड़ा.कर्ज के चक्कर में फंसा पाकिस्तानदरअसल, पाकिस्तानी कमरतोड़ महंगाई से जूझ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 3 अरब डॉलर के कर्ज की मंजूरी देते समय कड़ी शर्तों लगाई थीं, जिसके कारण स्थिति और खराब हो गई है. बिजली दरों में बढ़ोतरी से दिक्कतें बढ़ गई हैं और पाकिस्तान में लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं.

JNS News 24

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