मुरसान थाना प्रभारी ममता सिंह का ट्रांसफर, फर्जी मुठभेड़ के आरोपों में घिरी थीं, एसपी ने की कार्रवाई
जिले के थाना मुरसान प्रभारी के फर्जी मुठभेड़ के आरोपों में घिरने के बाद पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने तत्काल एक्शन लेते

हाथरस। जिले के थाना मुरसान प्रभारी के फर्जी मुठभेड़ के आरोपों में घिरने के बाद पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने तत्काल एक्शन लेते हुए मुरसान थाना प्रभारी ममता सिंह का तबादला कर दिया है। उनके स्थान पर वीरेंद्र प्रताप गिरि को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। मामला चार दिन पहले थाना मुरसान क्षेत्र में लूट के आरोपियों के साथ हुई एक मुठभेड़ से जुड़ा है। चार दिन पहले मुरसान कस्बे के व्यापारी अमित अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि उनके घर में बाइक सवार दो लोगों ने लूटपाट का प्रयास किया है। व्यापारी अमित अग्रवाल की शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुरसान पुलिस ने दस अक्टूबर को इस मामले में मुठभेड़ के दौरान अलीगढ़ निवासी ओमवीर सिंह उर्फ सोनू और देवा उर्फ सूर्यदेव को गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारियों का दावा था कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी एनकाउंटर के बाद की गई।पुलिस एनकाउंटर में ओमवीर सिंह उर्फ सोनू निवासी गांव बड़ाकला, थाना इगलास, जिला अलीगढ़ के पैर में गोली लगी थी। वहीं, सोनू के परिजनों ने पुलिस के इस एक्शन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों युवकों को पुलिस ने घर से उठाया गया। परिजनों का आरोप है कि ओमवीर सिंह उर्फ सोनू का फर्जी एनकाउंटर किया गया।
इस घटना के बाद मुरसान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। युवकों के परिजनों ने थाने पर हंगामा किया। मामला तूल पकड़ने पर विभिन्न संगठनों और राजनेताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर थाना मुरसान प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने भी इस मामले में युवकों के गांव बड़ाकला पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी। इस मुठभेड़ को फर्जी बताया था। वहीं, इस कथित मुठभेड़ के आरोपों में पुलिस की बहुत किरकिरी होने लगी। इसके बाद एसपी चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने तत्काल एक्शन लेते हुए थाना मुरसान प्रभारी ममता सिंह को हटाकर परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया। वहीं, उनके स्थान पर वीपी गिरी को प्रभारी नियुक्त किया गया है।



