हरियाणा के खेतों में ड्रोन के जरिए यूरिया का छिड़काव होगा.
कृषि विभाग के अधिकारियों को ये सुविधा जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार किसानों के खेतों में यूरिया का छिड़काव अब ड्रोन की मदद से करवाने वाली है. प्रदेश के 8.87 लाख किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ फसल के लिए पंजीकरण भी करवा दिया है. अब तक प्रदेश की 60.40 लाख एकड़ जमीन पोर्टल पर पंजीकृत हो चुकी है. प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को यह सुविधा किसानों तक जल्द से जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.पहले चरण में पूरे प्रदेश की एक लाख एकड़ जमीन पर ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश सरकार ड्रोन तकनीक के माध्यम से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्लान बना रही है. ड्रोन के जरिए यूरिया के छिड़काव की सुविधा सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर काम कर रही है, ताकि ड्रोन के जरिए हर जिले में यूरिया का छिड़काव करने की सुविधा मिल सके.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाकर ले सकते हैं सुविधा का लाभ सुविधा का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इसके लिए किसान को अपने मोबाइल या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को यूरिया का आवेदन करना होगा औऱ उसकी फीस भी जमा करवानी होगी. अपने खेत में ड्रोन के माध्यम से यूरिया का छिड़काव करवाने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 100 रुपये का शुल्क देना होगा, यानि किसी किसान को अपनी 5 एकड़ कृषि भूमि पर छिड़काव करवाना है तो उसे 500 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि ड्रोन कृषि विभाग की ओर से निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा. यहीं नहीं हरियाणा सरकार ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महिलाओं को भी इस तकनीक का प्रशिक्षण दे रही है.



