केमिकल का इस्तेमाल किसी भी चीज में हो बेहद खतरनाक ही माना जाता है.
खेती में भी केमिकल खाद के इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञों की राय

केमिकल का इस्तेमाल किसी भी चीज में हो बेहद खतरनाक ही माना जाता है. खेती में भी केमिकल खाद के इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञों की राय यही है कि केमिकल खाद से बचना चाहिए. इससे फसल को नुकसान होता है. इसके बजाए आप नेचुरल खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. जो आप घर में खुद ही बना सकते हैं. इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने भी नहीं पड़ेंगे. और आपकी फसल के लिए बढ़िया खाद तैयार होगा. चलिए जानते हैं किन तरीकों से आप नेचुरल खाद तैयार कर सकते हैं. गोबर से खाद बनाने का तरीका बेहद आम और प्रचलित तरीका है. अक्सर जो किसान खेती करते हैं. वह अपने यहां मवेशी भी पालते हैं. जिनसे उन्हें दूध मिलता है. मवेशी किसानों के लिए एक और रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं. उनका जो गोबर और मूत्र होता है. इसका इस्तेमाल नेचुरल खाद बनाने में किया जा सकता है. इसके लिए आपको गोबर लेना है और उसे कुछ दिनों तक रखना है. इसके बाद जब वह गोबर सड़ जाए. तब उस गोबर को आपको खेत में डाल देना है. इस गोबर में किसी तरह का केमिकल या सिंथेटिक खाद नहीं मिलानी है. इससे आपकी गोबर की खाद खराब हो सकती है.
लकड़ी की राख का कर सकते हैं इस्तेमाल
घर पर नेचुरल खाद बनाने के लिए एक और तरीका काफी कारगर साबित होता है. सामान्य तौर पर लोग लकड़ियां जलाकर इसकी बची हुई राख फेंक देते हैं. लेकिन किसान इस राख का इस्तेमाल नेचुरल खाद के रूप में भी कर सकते हैं. राख में पोटेशियम पाया जाता है. इससे मिट्टी का पीएच मान बढ़ता है. राख को आप कंपोस्ट में मिलाकर खेत में छिड़क सकते हैं.
चावल के पानी से बनाएं खाद
चावल सबके घर में खाए जाते हैं. चावल बनाने के बाद गाढ़ा पानी बाकी रह जाता है. जिसे मांड कहा जाता है. जब लोग चावल खाते हैं तो मांड को फेंक देते हैं. लेकिन बता दें कि मांड का इस्तेमाल नैचुरल खाद के रूप में किया जा सकता है. जब आप चावल बनाएं तो मांड को इक्ट्टा करते रहें. और जब ये ठीक ठाक मात्रा में हो जाएं तो इसे खेत में डाल दें. मांड के अंदर अच्छी मात्रा में स्टार्च और एनपीके होता है. इससे पौधों को पोषण मिलता है.