उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेश वासियों के नाम योगी की पाती नाम से चिट्ठी लिखी
31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में 'सड़क सुरक्षा माह' आयोजित कर रहे हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेश वासियों के नाम योगी की पाती नाम से चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्हें यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया हैं सीएम योगी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की वजह से अकाल मृत्यु पूरे परिवार को गहरे दुख में छोड़कर जाती है. सजगता से इन परिस्थितियों को बदला जा सकता है. सीएम योगी ने एक्स पर ‘योगी की पाती’ को साझा करते हुए लिखा- ‘मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों, 31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में ‘सड़क सुरक्षा माह’ आयोजित कर रहे हैं. यह हमारे परिवारों और भविष्य की रक्षा का संकल्प है. प्रदेश की सड़कें सभी के लिए सुगम-सुरक्षित हों, इसके लिए पुलिस तो नियमों को कड़ाई से लागू करेगी ही, परंतु सभी का सहयोग भी अपेक्षित है. मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदेश की सड़कों को सुगम-सुरक्षित बनाने के लिए आप यातायात नियमों का पालन करेंगे.मुख्यमंत्री ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि ‘सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि देख मुझे अत्यंत दुःख होता है. लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हम हर वर्ष हजारों लोगों को खो देते हैं. ऐसी दुर्घटनाओं में स्वस्थ लोगों की अकाल मृत्यु अपने पीछे शोक-संतप्त परिवार छोड़ जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक दायित्व एवं सजगता से इस स्थिति को बदला जा सकता है. 31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में ‘सड़क सुरक्षा माह’ आयोजित कर रहे हैं. ये माह हमारे परिवारों और भविष्य की रक्षा का संकल्प है. हमारा लक्ष्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के सड़क-व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है. सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को शून्य स्तर पर लाने के लिए प्रदेश के 20 दुर्घटना-संवेदनशील जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. राज्यभर की सड़कों पर तीन हज़ार ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. इस अभियान को 4 बिंदुओं के आधार पर संचालित किया जा रहा है. शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपात देखभाल. सीएम योगा ने लिखा कि प्रदेश की सभी सड़कें सुगम और सुरक्षित हों इसके लिए पुलिस तो नियमों को कड़ाई से लागू करेगी ही परंतु सभी का सहयोग भी अपेक्षित है. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग आपके साथ-साथ किसी और जीवन पर भी भारी पड़ सकता है. गति सीमा का पालन करें. तीव्र गति और नशे में गाड़ी चलाना घातक दुर्घटनाओं के सबसे प्रमुख कारणों में सम्मिलित है. हेलमेट और सीट बेल्ट दिखावे की वस्तुएं नहीं हैं. वे आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करती हैं. माता-पिता का दायित्व है कि नाबालिग बच्चे वाहन न चलाएं, पैदल चलने वालों का भी ध्यान रखें और उनके प्रति संवेदनशील रहे. स्मरण रहे कि सड़क पर उनका भी उतना ही अधिकार है. प्रदेश की सड़कों को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आप यातायात नियमों का पालन करेंगे.’



