अलीगढ़

गणेश जी की आराधना से बनते है बिगड़े काम : विनयनाथ

अलीगढ़ – गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य मे अचलताल स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ गणेश मंदिर में आज सकट चौथ पर विशेष पूजा अर्चना की गई। मंदिर के मुख्य पुजारी महाराज विनयनाथ ने बताया कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला पावन पर्व सकट चतुर्थी अथवा संकट चौथ भारतीय सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस चतुर्थी को तिलकुटा चतुर्थी और माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।


माघ मास की यह सकट चतुर्थी आज मंगलवार को श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ मनाई गयी। साथ ही आज देर शाम भगवान गणेश जी को समर्पित एक महाआरती का आयोजन भी किया गया। आरती पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
आगे बताया कि व्रत विशेष रूप से संतान की रक्षा, दीर्घायु, पारिवारिक सुख-शांति और मानसिक स्थिरता के लिए किया जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि संतान सुख की कामना रखने वाली माताओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी होता है। इस दिन महिलाएं विशेष रूप से निर्जला व्रत रखकर भगवान गणेश की आराधना करती हैं। इस दिन श्रद्धालु भगवान गणेश को दूर्वा, तिल, गुड़ और मोदक अर्पित करते हैं तथा चंद्र देव को अर्घ्य देकर उनसे मानसिक शांति और सौभाग्य की कामना करते हैं।

JNS News 24

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