अलीगढ़ के 41 नवचयनित प्राविधिक सहायकों को मिले नियुक्ति पत्र, कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती
मा0 मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ में नियुक्ति पत्र का किया वितरण

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और कृषि व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के यशस्वी श्री मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से कृषि विभाग के लिए नवचयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) एवं मंडी परिषद में श्रेणी-3, वर्ग-2 के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विकास भवन सभागार में एलईडी के माध्यम से किया गया इस दौरान मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार, उप कृषि निदेशक चौधरी अरूण कुमार, उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा सतीश मलिक, उप कृषि निदेशक (शोध) प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी समेत संबंधित अधिकारीगण एवं नवनियुक्त प्राविधिक सहायक उपस्थित रहे।मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने नव चयनित 41 प्राविधिक सहायकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य एवं सफल सेवाकाल की मंगलकामना की उन्होने कहा कि कृषि विभाग से जुड़कर नवचयनित कार्मिक किसानों की सेवा एवं कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायें।मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने नवचयनित प्राविधिक सहायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवलनौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान जनपद अलीगढ़ में प्राविधिक सहायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी कार्मिक किसानों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि किसान की समस्या का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान ही विभागीय कार्यों की वास्तविक सफलता है।उप कृषि निदेशक चौधरी अरूण कुमार ने बताया कि जिले में 41नवचयनित प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं में नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह दिखाई दिया इनकी नियुक्ति से कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्यों को और गति मिलेगी और किसानों तक शासन की कृषि योजनाओं, तकनीकी जानकारी एवं विभागीय सेवाओं की पहुंच को और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।



