अलीगढ़

मण्डल में 01 लाख 23 हजार महिलाएं बनीं ’’लखपति दीदी’’

कमिश्नर ने मण्डलीय समीक्षा कर पात्र एवं जरूरतमंद महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के दिए निर्देश

अलीगढ़  मंडलायुक्त ओ0पी0 आर्य की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में लखपति दीदी योजना एवं महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सामूहिक विकास की अवधारणा से कार्य करें और गॉव, गरीब व महिलाओं के विकास के लिए अपनी संवेदनाएं जीवित रखें। उन्होंने कहा कि आपको आधी आबादी के जीवन में सुधार लाने का अवसर मिला है, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मात्र एवं जरूरतमंद महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें मुख्य धारा में लाएं।
बैठक में बताया गया कि मण्डल में 39.20 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 01 करोड़ 34 लाख 61 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। जिनमें से 01 लाख 63 हजार को संभावित “लखपति दीदी’’ के रूप में चिन्हित करने के साथ ही 01 लाख 23 हजार को लखपति दीदी बनाया गया है। मंडलायुक्त ने मण्डल के सभी उपायुक्त एनआरएलएम को निर्देशित किया कि सही और वास्तविक आंकड़ों के साथ ही लाभान्वित महिलाओं का सत्यापन कर उनका फीडबैक प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं को सशक्त बनाना है। जो महिलाएं पहले से लखपति दीदी के रूप में चिन्हित हो चुकी हैं, उनकी आय को और बढ़ाने के लिए ठोस एवं परिणामोन्मुख प्रयास किए जाएं।
बैठक में समूह सखी, बीसी सखी, बैंक सखी, आजीविका सखी, विद्युत सखी एवं सीएलएफ पदाधिकारियों के नियमित प्रशिक्षण और सतत सहयोग पर विशेष बल दिया गया, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। मंडलायुक्त ने विभागीय योजनाओं के बेहतर कन्वर्जन की संभावनाओं पर अधिकतम कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग अपनी वार्षिक कार्ययोजना, प्रगति एवं मूल्यांकन की स्थिति का प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित करें जिससे योजनाओं में समन्वय स्थापित करते हुए लखपति दीदी योजना के अंतर्गत महिलाओं की संख्या और उनकी आय दोनों में गुणात्मक एवं संख्यात्मक वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए ठोस परिणाम सुनिश्चित करने होंगे। पंचायती राज विभाग के माध्यम से सामुदायिक शौचालयों का संचालन, खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा उचित दर की दुकानों का संचालन, कृषि विभाग के माध्यम से ड्रोन दीदी, कृषि यंत्र बैंक, कृषि सखी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के माध्यम से हाईटेक नर्सरी, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पशुपालन विभाग के माध्यम से पोल्ट्र, डेयरी, गौकास्ठ, जैविक खाद, सहकारिता विभाग के माध्यम से एसएचजी को सोसाइटियों के सदस्य बनाने, गन्ना विभाग के माध्यम से गन्ने की नर्सरी, गुड़ उत्पादन, प्रेरणा कैंटीन, सर्वोदय विद्यालयों में कैंटीन, आरसेटी एवं कौशल विकास मिशन के माध्यम से स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाने की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लखपति दीदी बनी ड्रोन दीदी नीरज देवी, बैंक सखी पूजा देवी, सिलाई सेंटर का संचालन करने वाली ज्ञानवती देवी, समूह सखी रीता देवी ने अपने अनुभव साझा किए। मण्डलायुक्त ने सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम यादव, डीसी एनआरएलएम मंजू त्रिवेदी, उप निदेशक उद्यान डा0 बलजीत सिंह, एलडीएम अशोक सौनी, निदेशक आरसेटी अनीता रानी समेत अन्य मण्डलीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

JNS News 24

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