सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यवसायिक वाहनों में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप अवश्य लगायें, अन्यथा 10 हजार रूपये का होगा जुर्माना
11 दिसंबर तक अन्य जनपदों की भाँति अलीगढ़ में भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है

अलीगढ़ : संभागीय परिवहन अधिकारी दीपक कुमार शाह ने अवगत कराया है कि शीत ऋतु में कोहरे के कारण अक्सर सड़क दुर्घटनाऐं हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण वाहनों में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप का न लगा होना होता है। शासन द्वारा परावर्तक पट्टी, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप या रियर मार्किंग कराने के उपरान्त ही वाहन संचालन के निर्देश दिये गये हैं।उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मालवाहन 3.5 टन से 7.5 टन तक वजन के लिये बॉडी की पूरी चौड़ाई को क्रास करते हुए सामने एक श्वेत परावर्तक पट्ी, पीछे एक लाल परावर्तक पट्टी एवं दोनों टेप की चौड़ाई कम से कम 20 एमएम हो। मालवाहन 7.5 टन से ऊपर के वजन के लिये बॉडी की पूरी चौड़ाई को क्रास करते हुये सामने एक श्वेत परावर्तक पट्टी, सामने वाली पट्टी की चौड़ाई कम से कम 50 एम0एम0 हो।उन्होंने बताया कि ट्रेलर या सेमी ट्रेलर 7.5 टन या उससे अधिक वजन व सेमी ट्रेलर वर्ग एन-3 के लिये पीछे एवं किनारे परावर्तत रेखीय चिन्हांकन हो। कृषि ट्रैक्टर के लिए पीछे दोनों ओर 7 वर्ग सेंटीमीटर से अन्यून परावर्तत क्षेत्र वाले दो गैर त्रिकोण लाल परावर्तक लगे हों। यात्री वाहन के लिये बॉडी की चौड़ाई को क्रास करते हुये सामने श्वेत एवं लाल परावर्तक पट्टी लगी हो। एम-3 वर्ग के वाहनों के लिए किनारे बॉडी को क्रास करते हुये पीली परावर्तक पट्टी लगी हो एवं पट्टी की चौड़ाई कम से कम 50 एमएम हो। ई-रिक्शा और ई-कोर्ट सहित तीन पहिया वाहनोें के लिये वाहन की सम्पूर्ण चौड़ाई में फैली सामने की ओर सफेद पट्टी, पीछे की ओेर लाल परावर्तक पट्टी, सामने वाली पट्टी की चौड़ाई कम से कम 50 एमएम हो।उन्हांेने बताया कि परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के अनुपालन में केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 104 के अन्तर्गत मालवाहन, ट्रेलर, सेमी ट्रेलर, यात्री वाहन, ई-रिक्शा और ई-कार्ट सहित तीन पहिया वाहनों के लिये रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप एवं परावर्तक न लगाने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी, जिसमें पहली बार चालान होने पर 10 हजार रूपये जुर्माना अथवा 03 महीने कैद या दोनों और 3 माह के लाईसेंस निलंबन भी किया जा सकता है। दूसरी बार चालान होने पर 10 हजार रूपये तक का जुर्माना एवं 6 महीने तक की कैद या दोनों एवं वाहनों का फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी न होने के निर्देश दिये गये हैं।परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार 11 दिसंबर तक अन्य जनपदों की भाँति अलीगढ़ में भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी व्यवसायिक वाहन स्वामियों को सूचित किया है कि अपने व्यवसायिक वाहन में उपरोक्त श्रेणी के अनुसार सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत एआईएस 090 और एआईएस 089 मानक के रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप एवं रियर मार्किंग एवं परावर्तक अवश्य लगायें, जिससे शीत ऋतु में दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके तथा अनावश्यक जुमाने से भी बचा जा सके।



