समस्या नहीं, समाधान की संस्कृति: खैर में सम्पूर्ण समाधान दिवस बना जवाबदेह प्रशासन का उदाहरण
जनमानस ने सीधे प्रशासनिक अधिकारियों को बताई अपनी समस्याएं, खैर में लगा सम्पूर्ण समाधान दिवस

अलीगढ़ : खैर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में आमजन की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान की दिशा में प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने अपनी शिकायतें सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं।इस अवसर पर आयुक्त अलीगढ़ मंडल संगीता सिंह ने भी प्रतिभाग कर पर्यवेक्षकीय दायित्व का निर्वहन करते हुए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों के निस्तारण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें, चाहे वह शिकायत सीधे प्राप्त हुई हो या किसी संदर्भ के माध्यम से आई हो। उन्होंने आईजीआरएस संदर्भों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि असंतोषजनक फीडबैक जिले की रैंकिंग को प्रभावित करते हैं।समाधान दिवस में कृषि एवं आवासीय भूमि, राशन, जनकल्याणकारी योजनाओं, आपसी झगड़े, अतिक्रमण व विकास कार्यों से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। इस दौरान कुल 81 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही निस्तारण कर राहत प्रदान की गई, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में पूरी तत्परता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता बरतते हुए निर्धारित समयावधि में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।संपूर्ण समाधान दिवस में गंगापुर निवासी कल्पना ने ग्राम समाज की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने, भोजाका निवासी ओमप्रकाश ने पैमाइश कराए जाने, टप्पल निवासी दिलशाद ने त्रुटिपूर्ण पैमाइश में सुधार कराने, पीपली निवासी भवानी ने हाईवे पर अण्डरपास व संपर्क मार्ग बनाए जाने, रसूलपुर के रतन सिंह ने चकमार्ग खाली कराए जाने और राघवगढ़ी के जबर सिंह ने प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार व सौन्दर्यीकरण कराए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया।



