जल्द नगर निगम मि सुविधाएं व शासकीय लाभ पहुचेगा संपत्ति कर उपभोक्ता के पास के पास
10 पार्षद वार्ड में जीआईएस सर्वे हुआ पूर्ण-मई के अंत तक सभी 90 पार्षद वार्ड में पूर्ण होगा जीआईएस सर्वे

जीआईएस सर्वे में आने वाली आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के भौतिक सत्यापन के लिए नगर आयुक्त ने बनाई समितिनगर आयुक्त ने जीआईएस सर्वे वाले वार्डो में किया संपत्तियों का भौतिक सत्यापनशहर के विकास व जनसुविधाओं को जीआईएस सर्वे से मिलेगी नई उचाइयां-संपत्ति कर की विसंगतियों को दूर करने में सार्थक सिद्ध होगा जीआईएस ड्रोन सर्वे महापौर व नगर आयुक्त ने जीआईएस सर्वे में सहयोग करने की अपीलनगर निगम के 90 पार्षद वार्ड में से 10 पार्षद वार्ड में जीआईएस सर्वे पूर्ण हो गया है नगर आयुक्त ने जीआईएस सर्वे पूर्ण होने वाले वार्डो में कई आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करते हुए अधीनस्थों को प्रत्येक दशा में मई 2026 के अंत तक सभी 90 वार्ड सर्वे को पूर्ण करने के निर्देश दिए।शनिवार सुबह सुबह नगर आयुक्त ने वार्ड 53 रामबाग कॉलोनी वार्ड 33 किशनपुर वार्ड 09 नौरंगाबाद वार्ड 76 बेगमबाग वार्ड 12 बुद्ध विहार वार्ड 82 सुदामापुरी वार्ड 28 गंभीरपुरा वार्ड 67 नगला तिकोना वार्ड 38 चन्दनीयाँ वार्ड 46 बदरबाग में जीआईएस सर्वे में दर्ज हुई आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के भौतिक सत्यापन किया नगर आयुक्त ने मई 2026 के अंत तक सभी पार्षद वार्डों में सर्वे के अंतर्गत दर्ज होने वाली आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के भौतिक सत्यापन के लिए एक समिति का गठन किया है।नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक आवास एवं प्रतिष्ठान का जीआईएस सर्वे के माध्यम से भौतिक सत्यापन और कम्प्यूटरीकृत मूल्यांकन किया जा रहा है जिससे नगर निगम के राजस्व अभिलेखों को अद्यतन (अपडेट) किया जा सके और कर निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य नगर निगम के कर निर्धारण में किसी भी प्रकार की त्रुटि गड़बड़ी या अनियमितता की गुंजाइश न रहे तथा प्रत्येक संपत्ति का सही-सही विवरण नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज हो।नगर आयुक्त ने बताया कि जीआईएस सर्वे के अंतर्गत प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संपत्तियों का वार्डवार भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को विभिन्न प्रतिशत में संपत्तियों के सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि सर्वे की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाया जा सके।उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक/कर संग्रहक को उनके आवंटित वार्ड की समस्त संपत्तियों का सत्यापन करना होगा, जबकि कर अधीक्षक द्वारा प्रत्येक वार्ड की लगभग 20 प्रतिशत संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसी प्रकार जोनल अधिकारी अपने-अपने जोन में लगभग 10 प्रतिशत संपत्तियों का निरीक्षण करेंगे तथा कर निर्धारण अधिकारी द्वारा प्रत्येक जोन की लगभग 5 प्रतिशत संपत्तियों का सत्यापन किया जाएगा।नगर आयुक्त ने कहा कि इस प्रणाली से जीआईएस सर्वे की विश्वसनीयता में इजाफा होगा और संपत्तियों के विवरण में होने वाली किसी भी प्रकार की गलती या त्रुटि को समय रहते दुरुस्त किया जा सकेगा। इससे नगर निगम के राजस्व विभाग को मजबूती मिलेगी और नगर विकास से संबंधित योजनाओं को बेहतर तरीके से अमली जामा पहनाने में भी सहूलियत होगी।उन्होंने बताया कि नगरीय सीमा में प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ इस कार्य को अंजाम दें तथा सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बरतने से बचें। सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि, गड़बड़ी या गलत विवरण सामने आता है तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।जीआईएस ड्रोन सर्वे के फायदेड्रोन से जीआईएस सर्वे निजी एक्सिस बैंक एजेंसी द्वारा किया जाएगा जिसमे शहर की संपत्ति मकान, कच्चा, पक्का, कितनी मंजिल और कितना वर्ग फीट में बना हुआ है यदि छत पर टॉवर लगा हुआ है तो इसकी जानकारी भी सामने जाएगी। ड्रोन से जीआईएस (GIS) सर्वे का बहुत लाभ नगर निगम को मिलेंगे की सर्वे के उपरांत सभी प्रॉपर्टी पर क्यूआर कोड लगाएगा। जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए क्यूआर कोड काफी लाभदायक सिद्ध होगा क्यूआर कोड को स्कैन करके, नगर निगम के अधिकारी व प्रॉपर्टी स्वामी प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी जैसे कि टैक्स और बिल जमा करने की स्थिति आदि आसानी से जान सकेंगे साथ ही साथ घर बैठे टैक्स भी जमा कर सकेगें।नगर आयुक्त ने बताया क्यूआर कोड के माध्यम से, नगर निगम आसानी से प्रॉपर्टी मालिकों की पहचान कर सकेगा और टैक्स चोरी को रोक सकेगा। क्यूआर कोड के उपयोग से, टैक्स प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और लोगों को टैक्स भरने में आसानी होगी। क्यूआर कोड के माध्यम से, नगर निगम प्रत्येक प्रॉपर्टी का एक विस्तृत डेटाबेस बना सकेगा और क्यूआर कोड को स्कैन करके, लोग आसानी से अपने घर बैठे प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे। क्यूआर कोड को स्कैन करके, नगर निगम के अधिकारी संपत्ति के मालिक और अन्य विवरणों को जान सकेंगे।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा व महापौर प्रशांत सिंघल ने सभी नगरवासियों से अपील की है कि जीआईएस सर्वे एवं सत्यापन के दौरान नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा अपनी संपत्ति से संबंधित सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि नगर निगम के अभिलेखों को सही एवं अद्यतन बनाया जा सके। अलीगढ़ नगर निगम का यह प्रयास शहर में सुशासन, पारदर्शिता और व्यवस्थित राजस्व प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आने वाले समय में शहर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।



