भट्टों में प्रतिबंधित ईंधन पर सख्ती, प्रशासन की निगरानी तेज
पर्यावरण से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त, भट्टा संचालकों को कड़ी चेतावनी

अलीगढ़ : पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित ईंट भट्टों पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी गई है।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा है कि स्वस्थ पर्यावरण ही सुरक्षित भविष्य की नींव है। नियमों का पालन कर हम सभी स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के तहत भट्ठों में किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित ईंधन के उपयोग पर पूर्ण रोक लगाई गई है और इसके पालन के लिए लगातार निरीक्षण भी कराया जा रहा है।आरओ पीसीबी डॉ विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि मा0 एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में जिले में ईंट भट्ठों का संचालन मार्च से जून के बीच किया जाता है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल एवं वायु संबंधी सहमति प्राप्त करने के बाद ही भट्ठों का संचालन अनुमन्य है। वर्तमान में जिले में लगभग 408 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जिन पर पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा द्वारा बताया गया कि भट्ठों को दी गई सहमति में स्पष्ट शर्त है कि किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित ईंधन जैसे रबर, स्क्रैप टायर, प्लास्टिक, लेदर अथवा अन्य हानिकारक पदार्थ का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इन पदार्थों के जलने से वातावरण में जहरीले धुएं का उत्सर्जन होता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।उन्होंने बताया कि जिले में संचालित ईंट भट्टों का मजिस्ट्रेट एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक हुए निरीक्षणों में किसी भी भट्ठे पर प्रतिबंधित ईंधन का भंडारण या उपयोग नहीं पाया गया है। इसके बावजूद निगरानी लगातार जारी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भट्ठा संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी भी भट्टे पर प्रतिबंधित ईंधन का उपयोग या भंडारण पाया गया, अथवा इस संबंध में प्राप्त शिकायत की पुष्टि होती है, तो पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित आख्या जिला प्रशासन के साथ ही शासन व बोर्ड को भेजी जाएगी। जिला प्रशासन ने भट्ठा संचालकों से अपील की है कि वे स्वच्छ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए केवल अनुमन्य ईंधन का ही प्रयोग करें। साथ ही आमजन से भी अनुरोध किया गया है कि यदि कहीं पर्यावरण मानकों का उल्लंघन दिखाई दे तो इसकी सूचना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर प्रदूषण पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।



