राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महती भूमिका : राज नारायण
आईआईएमटी कॉलेज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर

अलीगढ़ : हम सभी के लिए देश सर्वोपरि है। देश की रक्षा के लिए आजादी के समय तमाम क्रांतिकारियों ने अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया। इसलिए प्रत्येक भारतवासी के लिए देश से बढ़कर कुछ नहीं होना चाहिए। यह बातें शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर में मुख्य वक्ता राज नारायण सिंह में कही।
तालानगरी के निकट किराड़ा गांव स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह आईटीआई कॉलेज में आईआईएमटी कॉलेज की ओर से आयोजित शिविर में “राष्ट्र निर्माण में छात्रों की भूमिका” विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला में उन्होंने देश के क्रांतिकारियों का गौरवशाली इतिहास बताया। राज नारायण सिंह ने कहा कि देश की आजादी के समय सैकड़ों की संख्या में युवा मां भारती को आजाद कराने के लिए समरभूमि में कूद पड़े थे। उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनके सामने भी कैरियर था, उनके भी सपने थे मगर उन्होंने अपने सपनों को देश की आजादी का सपना बना दिया। उन्हीं क्रांतिकारियों के बलिदान की बदौलत ही हमें आजादी मिल पाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रचनात्मक कार्य करने चाहिए। गीत, कहानी, कविता लिखनी चाहिए। अपने गांव से जुड़ी आजादी की कोई बातें हों उन्हें बतानी चाहिए। जिससे गांव कस्बे की कहानियां भी लोगों के सामने आए। सोशल मीडिया के युग में आप बहुत कुछ कर सकते हैं। इतिहास गढ़ सकते हैं। बीएड विभाग की विभागाध्यक्ष डाक्टर अंजू सक्सेना ने कहा कि जीवन में कभी हताश न हों, आगे बढ़ें। यदि सतत चलते रहेंगे तो निश्चित ही मार्ग मिलेगा। प्रिंसिपल नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है। इसलिए युवाओं की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका रहती है। कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर सुनील चौहान ने बताया कि सात दिवसीय शिविर में विद्यार्थी तमाम उन जानकारियों से जुड़ रहे हैं, जिनके बारे में उन्हें पहले कुछ भी नहीं पता था। यह जानकारी विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण रहेंगी।



