“हर घर जल” योजना ने पकड़ी रफ्तार, 90 प्रतिशत से अधिक कार्य अंतिम चरण में
अधूरे कार्यों के बावजूद कई गांवों में आंशिक जलापूर्ति शुरू

अलीगढ़ : नगरीय क्षेत्रों के समान ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ’’हर घर नल-हर घर जल’’ योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। गॉव-गॉव में शिरोपरि जलाशय बनने से जहां एक ओर ग्रामीण परिदृश्य बदला है वहीं स्वास्थ्य, सम्मान और खुशहाली भी आई है।जिले में अब तक 730 नलकूप, 719 पम्प हाउस, 7120 किलोमीटर वितरण प्रणाली और 3.85 लाख से अधिक घरों में जल संयोजन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 292 शिरोपरि जलाशयों का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर संचालन एवं रखरखाव में शामिल किया जा रहा है। विशेष रूप से 143 राजस्व ग्रामों में कार्य पूर्ण कर जलापूर्ति प्रारंभ कर दी गई है, जबकि 554 ग्रामों में आंशिक रूप से सीधे पम्पिंग अथवा जलाशयों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति जारी है। यह व्यवस्था तब भी सुनिश्चित की जा रही है जब कुछ योजनाएं अभी औपचारिक रूप से संचालन में शामिल नहीं हुई हैं।
जिले में संचालित जल जीवन मिशन योजना को लेकर अधिशासी अभियंता लोकेश शर्मा ने बताया है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य प्रगति पर है। जिले के 1124 राजस्व ग्रामों में से 1070 ग्रामों को इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है, जिनमें से बड़ी संख्या में कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है।
लोकेश शर्मा ने बताया है कि भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की समय सीमा दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि केंद्रीय अंश की धनराशि समय पर प्राप्त न होने के कारण कार्यों की गति प्रभावित अवश्य हुई है, फिर भी विभाग द्वारा सीमित संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के साथ योजनाओं को गति दी जा रही है। जल निगम द्वारा यह भी बताया गया है कि जिन गांवों में योजनाएं पूर्ण रूप से हस्तांतरित नहीं हुई हैं, वहां भी जनहित को ध्यान में रखते हुए आंशिक जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।



