लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एएमयू नर्सों का धरना दूसरे दिन भी जारी
जे एन एम सी एच प्रिंसिपल ऑफिस के सामने शांतिपूर्वक दिया धरना

अलीगढ़, 14 मई 2026
एएमयू नर्सेज एसोसिएशन (AMU Nurses Association) ने बताया कि अपनी जायज और लंबे समय से लंबित मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे नर्सिंग स्टाफ में भारी रोष है।
यूनियन अध्यक्ष सिज्जाउद्दीन ने बताया कि जेएनएमसीएच (JNMCH) की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग कर्मी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी ने उन्हें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध का रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया है।
प्रमुख 5 सूत्रीय मांगें:
नर्स एसोसिएशन ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं:
समयबद्ध पदोन्नति (DPC): विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें समय पर आयोजित की जाएं और समयबद्ध प्रमोशन सुनिश्चित हो।
MACP लाभ: सभी पात्र सीनियर नर्सिंग ऑफिसर/ नर्सिंग अधिकारियों के लिए संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (MACP) के लाभ बिना किसी देरी के लागू किए जाएं।
नियमित भर्ती: रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए और मानकों के अनुसार नर्सिंग अधिकारियों के नए पदों का सृजन हो।
वेतन और सुविधाएं: संविदा/ फिक्स नर्सिंग स्टाफ के लिए न्यूनतम ₹50,000 वेतन निर्धारित हो और उन्हें चिकित्सा व अवकाश की सुविधाएं मिले।
भेदभाव का अंत: प्रशासनिक और शैक्षणिक मामलों में नर्सिंग कैडर के साथ होने वाले भेदभावपूर्ण व्यवहार को तुरंत रोका जाए।
आंदोलन की रूपरेखा (Schedule of Agitation):
आज दिनांक 14/05/2026 को आंदोलन का दूसरा दिन है , एसोसिएशन के सभी मेंबर्स ने शांति पूर्वक तरीके से सुबह 10.30 – 12.30 तक धरना दिया।
एसोसिएशन ने आगामी दिनों के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम घोषित किया है:
15 मई: MS कार्यालय / रिसेप्शन हॉल, JNMCH के सामने।
10 दिवसीय निरंतर धरना: 16 मई से 25 मई तक रजिस्ट्रार कार्यालय, AMU के सामने (10:30 AM – 12:30 PM)।
विशाल रैली: 2 जून 2026 को सुबह 10:30 बजे ‘बाब-ए-सैयद’ गेट से रजिस्ट्रार कार्यालय तक विरोध मार्च।
“हमने भारी मन से यह कदम उठाया है। हम विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल वार्ता शुरू करने और समाधान निकालने का अनुरोध करते हैं। यदि सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी असुविधा के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।”
ए.एम.यू. नर्सेज एसोसिएशन



